नशे की लत से हुई खतरनाक बीमारी, फेफड़ा भी हुआ खराब… युवक ने ब्लेड से रेता अपना गला

भागलपुर जिले के लोदीपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां नशे की गंभीर लत और बीमारी से परेशान एक युवक ने ब्लेड से अपना गला काटकर जान देने का प्रयास किया. लहूलुहान हालत में युवक को आनन-फानन में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. घायल युवक की पहचान मिथिलेश के रूप में हुई है.

घटना बिशनपुर जिछो गांव से सामने आई है. यह घटना इस बात का जीता-जागता और खौफनाक सबूत है कि नशे की लत इंसान को किस कदर बर्बाद कर सकती है कि वह अपनी जान लेने का प्रयास कर सकता है और खुद का गला तक काट सकता है. नशे के जाल में फंसकर एक हंसता-खेलता इंसान न सिर्फ आर्थिक और शारीरिक रूप से टूट जाता है, बल्कि मानसिक संतुलन खोकर खुद का सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है.

परिजनों के मुताबिक, मिथिलेश का इलाज पिछले कुछ समय से मायागंज अस्पताल में चल रहा था. बीते दिनों ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी और वह घर लौटा था. लेकिन आज सुबह वह अपनी बीमारी से बेहद परेशान और गुस्से में था. इसी मानसिक तनाव में आकर उसने ब्लेड से अपनी गर्दन पर वार कर लिया. चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने उसे खून से लथपथ पाया और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे.

घायल मिथिलेश की पत्नी अनीता कुमारी ने बताया कि उसका पति पहले 14 चक्का ट्रक चलाता था. इसी दौरान उसे नशे की बेहद बुरी लत लग गई. वह सूखा नशा (ब्राउन शुगर) का सेवन करने लगा था. इस घातक लत के कारण उसकी तबीयत पूरी तरह बिगड़ गई और उसका एक फेफड़ा पूरी तरह खराब हो गया.

टीबी और फेफड़े की बीमारी से था डिप्रेशन में

पत्नी ने आगे बताया कि मिथिलेश पिछले 6 महीनों से फेफड़े की गंभीर बीमारी और टीबी (TB) से जूझ रहा था. उसे सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होती थी. अपनी इस लाचारी और बीमारी के खर्च से वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहता था. इसी डिप्रेशन के चलते आज सुबह उसने अपनी जान लेने की नीयत से खुद पर जानलेवा हमला कर दिया. फिलहाल मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज जारी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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