धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान, बोले- जल्द होगा लागू, शिकायतों पर होगी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से नए कानून के लागू नहीं होने और पुराने अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने के आरोपों के बीच कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि यदि इस प्रकार की कोई शिकायत सामने आती है तो प्रशासन गंभीरता से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

शिकायतों पर प्रशासन रहेगा सतर्क

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सरकार धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के संबंध में यदि कहीं कोई शिकायत या भ्रम की स्थिति पैदा होती है तो प्रशासन उसे प्राथमिकता के आधार पर देखेगा और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कांग्रेस की चिंता पर साधा निशाना

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नेताम ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि कांग्रेस अब धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर चिंता जता रही है। उनके अनुसार समय के साथ राजनीतिक दलों के दृष्टिकोण में बदलाव दिखाई दे रहा है।

राम मंदिर को लेकर भी की टिप्पणी

मंत्री ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का नाम लेने से भी परहेज करते थे, वे आज मंदिरों में जाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने इसे समय के बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राजनीतिक दलों का बदला हुआ रुख साफ दिखाई दे रहा है।

जल्द लागू होगा विधेयक

रामविचार नेताम ने भरोसा जताया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रही है और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। मंत्री के इस बयान के बाद राज्य में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को नया आयाम मिल गया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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