धमतरी: दो चचेरे भाइयों ने मृत्यु उपरांत नेत्र व देहदान करने का लिया फैसला, सरकारी औपचारिकता की पूरी

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में दो चचेरे भाइयों ने मौत के बाद नेत्रदान व देहदान करने की घोषणा की है. उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर इससे संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे किए. उनके इस निर्णय से मेडिकल छात्रों की शिक्षा और शोध को लाभ मिलेगा.

शहर के मराठा पारा निवासी संजय गायकवाड़ और मनीष राव पवार ने यह संकल्प लिया है. उनका देहदान पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में मेडिकल छात्रों की शिक्षा और शोध कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा. यह पूरी कानूनी प्रक्रिया परिजनों की सहमति से संपन्न की गई है.

संजय गायकवाड़ ने बताया कि उन्होंने मन ही मन देहदान का संकल्प लिया था. उन्होंने यह बात अपने मामा के लड़के मनीष राव पवार को बताई, जिस पर मनीष ने भी सहमति व्यक्त की और देहदान का फॉर्म भर दिया.

शरीर को जलाने से कोई फायदा नहीं- संजय

संजय गायकवाड़ ने कहा कि शरीर को जलाने से कोई विशेष लाभ नहीं होता. इसके बजाय, यदि यह मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए उपयोगी हो सके, तो यह एक बेहतर विकल्प है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके इस कदम से अन्य लोग भी देहदान के लिए प्रेरित होंगे.

शरीर किसी जरूरतमंद के काम आ सके- मनीष

मनीष पवार ने अपने उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि मरने के बाद हर किसी को राख ही बनना है. राख बनने से बेहतर है कि शरीर किसी जरूरतमंद के काम आ सके. उन्होंने कहा कि देहदान से जरूरतमंदों को आंख, हृदय और अन्य अंग मिल सकें, तो यह जीवन के लिए बहुत बड़ी बात होगी.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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