दिव्यांग शिक्षिका ने ब्लाइंड बच्चों के लिए बनाए 3800 ऑडियो बुक्स, अब NCERT पैटर्न पर कर रहीं तैयारी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की शिक्षिका के. शारदा दिव्यांग होने के बावजूद ब्लाइंड बच्चों की पढ़ाई आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। महज डेढ़ साल में उन्होंने ब्लाइंड बच्चों के लिए 3800 से ज्यादा ऑडियो बुक्स तैयार कर ली हैं। अब वह देशभर के छात्रों के लिए एनसीईआरटी पैटर्न पर ऑडियो किताबें तैयार करने में जुटी हैं।

के. शारदा दुर्ग के खेदामारा स्थित एक शासकीय स्कूल में शिक्षिका हैं। वर्ष 2024 में उन्हें राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी दौरान उनका जुड़ाव ब्लाइंड बच्चों के एक समूह से हुआ और तब उन्हें उनकी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के बारे में करीब से जानने का मौका मिला।

शारदा बताती हैं कि ब्लाइंड बच्चे पढ़ाई के लिए ऑडियो फॉर्मेट का ज्यादा उपयोग करते हैं। इसी जरूरत को समझते हुए उन्होंने ऑडियो बुक बनाने का फैसला किया। इंटरनेट की मदद से उन्होंने ऑडियो बुक तैयार करने की तकनीक सीखी और 25 अक्टूबर 2024 से इस काम की शुरुआत की। अब तक वह 3800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं और उनका लक्ष्य 10 हजार ऑडियो बुक्स बनाना है।

ये ऑडियो बुक्स कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए तैयार की जा रही हैं। इनमें अलग-अलग विषयों के पाठ, कहानियां, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी सामग्री, छत्तीसगढ़ी भाषा और हल्बी भाषा का कंटेंट भी शामिल है। यह सामग्री ब्लाइंड बच्चों के साथ-साथ सामान्य छात्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही है।

शारदा ने बताया कि अब तक उनकी किताबें छत्तीसगढ़ बोर्ड के पैटर्न पर तैयार की गई थीं, लेकिन राज्यपाल के सुझाव के बाद उन्होंने एनसीईआरटी पैटर्न पर ऑडियो बुक्स तैयार करना शुरू कर दिया है। इससे छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और यहां के वीरों की कहानियां देशभर के छात्रों तक पहुंच सकेंगी।

ऑडियो और ब्रेल पुस्तकों के अलावा शारदा अब तक 25 से अधिक किताबें भी लिख चुकी हैं। इनमें गणित, नैतिक कहानियां और पढ़ाई को आसान बनाने वाली सामग्री शामिल है। उनकी कुछ किताबों का अंग्रेजी और छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद भी किया जा चुका है। उन्होंने हल्बी भाषा में भी एक किताब लिखी है और अब गोढ़ी भाषा में नई किताब तैयार की जा रही है।

शारदा यह काम अपने स्कूल के बाद खाली समय में करती हैं। शाम या रात में वह अपनी टीम के साथ ऑडियो बुक्स रिकॉर्ड करती हैं और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड करती हैं। वर्तमान में उनके बनाए 3800 से अधिक ऑडियो बुक्स विश्व ऑडियो बुक्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा चार ब्रेल किताबें भी तैयार की जा चुकी हैं, जिनकी प्रतियां छत्तीसगढ़ के कई ब्लाइंड स्कूलों में भेजी गई हैं।

उन्होंने पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए क्यूआर कोड वाली गणित पुस्तिका भी तैयार की है। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित पाठ का वीडियो खुल जाता है, जिससे बच्चों को पढ़ाई समझने में आसानी होती है। शारदा डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए नेशनल मेंटर के रूप में भी काम कर रही हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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