डीएम का ‘एक्शन अवतार’: जिला अस्पताल में बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस, मरीज के 545 रुपये भी कराए वापस

बलिया : जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बलिया के डीएम एक्शन मूड में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे. इस दौरान डीएम के सामने अस्पताल की पोल खुल गयी जिसे लेकर लगातार अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगता रहा है कि डॉक्टर बाहर की दवा लिखते है.

 आप को बता दे कि डीएम ने बाहर की दवा लिखने पर डॉक्टर को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और मरीज को 545 रुपये लौटाने का भी निर्देश जारी कर दिया. वही मरीजों से सीधा संवाद कर डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी. अस्पताल की व्यवस्था पर डीएम सख्त दिखे.

मेडिकल वार्ड प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया. सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ पर नाराजगी जताई और टोकन व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया. साथ ही गरीब मरीजों के नि:शुल्क इलाज पर जोर दिया और साफ-सफाई सुधारने के सख्त निर्देश दिए.
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई वार्डों में जाकर मरीजों से सीधे संवाद किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान एक महिला ने जिलाधिकारी को बताया कि वह अपने ससुर के इलाज के लिए आई थी.

जहां चिकित्सक द्वारा दवा बाहर से खरीदने को कहा गया. इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए साथ ही महिला द्वारा दवा पर खर्च किए गए 545 रुपये वापस कराने का आदेश दिया.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में बाहर की दवा न लिखी जाए. यदि ऐसी शिकायत दोबारा मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट रूम और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया. मरीजों से उनका हाल- चाल पूछते हुए उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कहीं उन्हें बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही है.

मेडिकल वार्ड में अत्यधिक भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश दिया जाए, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए. इस वार्ड में कुछ मरीजों ने नली लगाने के नाम पर पैसे लिए जाने और इलाज में लापरवाही की शिकायत की. इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मेडिकल वार्ड की प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती लीलावती से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ को दिए.

दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर जिलाधिकारी ने लाइन में लगे मरीजों से बातचीत की और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली. मरीजों ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी दशा में बाहर की दवा न लिखी जाए, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो.

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष एवं सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया. पैथोलॉजी कक्ष में उपलब्ध जांचों की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जांच रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं.
सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ मिलने पर उन्होंने प्रभारी से जानकारी ली. बताया गया कि अब तक 50 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 65 मरीजों का स्कैन शेष है. भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया कि सीटी स्कैन कक्ष में टोकन व्यवस्था तत्काल लागू की जाए और बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए, जिससे मरीजों को अपने नंबर की जानकारी मिलती रहे और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था न हो. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव से कार्य करें.

अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को नि:शुल्क एवं समुचित इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए. साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के भी सख्त निर्देश दिए. निरीक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर विजय यादव आदि उपस्थित रहे.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com