EPFO 3.0 Benifits-EPFO 3.0 जल्द लॉन्च: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे पीएफ, शिकायत निपटारा और डाटा अपडेट होगा आसान

नए प्लेटफॉर्म के जरिए पीएफ से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और पारदर्शी हो जाएगी। कर्मचारियों को अब अपना बैलेंस, योगदान और क्लेम का स्टेटस रीयल टाइम में ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।

EPFO 3.0 Benifits-कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों और खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार EPFO का नया वर्ज़न EPFO 3.0 लाने की तैयारी कर रही है।

इस प्लेटफॉर्म को इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां तैयार करेंगी और इसका मेंटेनेंस भी संभालेंगी। शुरुआती योजना के मुताबिक इसे जून 2025 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी टेस्टिंग और अन्य कारणों से देरी हो गई। अब संभावना जताई जा रही है कि इसे नए साल 2026 से पहले ही लागू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से करीब 8 करोड़ कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने वाला है।

नए प्लेटफॉर्म के जरिए पीएफ से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और पारदर्शी हो जाएगी। कर्मचारियों को अब अपना बैलेंस, योगदान और क्लेम का स्टेटस रीयल टाइम में ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।

खास बात यह है कि EPFO 3.0 में पहली बार ATM और UPI के जरिए तुरंत पीएफ विदड्रॉल संभव होगा, यानी आपात स्थिति में कर्मचारियों को बैंक जैसी सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए केवल यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को सक्रिय करना और उसे आधार व बैंक अकाउंट से लिंक करना अनिवार्य होगा।

नया सिस्टम सिर्फ पैसे निकालने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रोफाइल अपडेट और क्लेम सेटलमेंट भी आसान हो जाएगा। कर्मचारी अब अपने नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को केवल OTP वेरिफिकेशन के जरिए ऑनलाइन सुधार सकेंगे। इससे पहले की तरह लंबे-चौड़े फॉर्म भरने की झंझट खत्म हो जाएगी।

यदि किसी कर्मचारी का UAN 1 अक्टूबर 2017 से पहले का है, तो कुछ मामलों में नियोक्ता की स्वीकृति जरूरी हो सकती है।

EPFO 3.0 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर भी अब स्वतः हो जाएगा। अगर UAN आधार से लिंक है और सभी डिटेल्स मेल खाते हैं, तो पुराने अकाउंट की राशि सीधे नए अकाउंट में चली जाएगी। इसके लिए डेस्टिनेशन ऑफिस की अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।

इसके साथ ही 1 जनवरी 2025 से शुरू हो चुका सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) भी EPFO 3.0 से इंटीग्रेट किया जाएगा। इसके जरिए पेंशन सीधे किसी भी बैंक खाते में NPCI प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजी जा सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि पेंशनर्स देश के किसी भी बैंक या शाखा से आसानी से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे।

सरकार ने हायर सैलरी पर पेंशन को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। यदि किसी कर्मचारी की सैलरी निर्धारित सीमा से अधिक है और वे अतिरिक्त अंशदान देते हैं, तो उन्हें उच्च वेतनमान के आधार पर पेंशन मिलेगी। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होगा और प्राइवेट ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों को भी EPFO के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।

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