छत्तीसगढ़ में EV क्रांति! अब कॉलोनी-बाजार तक खुलेंगे चार्जिंग स्टेशन, सरकार का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में संशोधन करते हुए शहरों और कस्बों के भीतर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले से अब ईवी मालिकों को चार्जिंग के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
कॉलोनी, बाजार और इंडस्ट्रियल एरिया में मिलेगा चार्जिंग नेटवर्क
नए नियमों के तहत अब रिहायशी कॉलोनियों, बाजारों, जिला केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर मोबाइल टावर की तर्ज पर चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विकसित किया जा सकेगा। इसके अलावा पहली बार बैटरी स्वैपिंग सुविधा और इन-बिल्डिंग मोबाइल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नियमों में शामिल किया गया है।
सरकार का मानना है कि चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर भरोसा बढ़ेगा और पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी।
पार्किंग का 20 फीसदी हिस्सा EV के लिए आरक्षित
संशोधित नियमों के मुताबिक स्टैंडअलोन चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग मानक तय किए गए हैं। कुल पार्किंग क्षमता के कम से कम 20 प्रतिशत हिस्से को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आरक्षित करना होगा, जहां चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे।
साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के पास भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जगह आरक्षित की जाएगी। खास बात यह है कि चार्जिंग सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जबकि बिजली मीटरिंग की जिम्मेदारी सर्विस प्रोवाइडर की होगी।
इन इलाकों में खुल सकेंगे चार्जिंग स्टेशन
नए नियमों के तहत कई नई श्रेणियों में चार्जिंग स्टेशन खोलने की अनुमति दी गई है। इनमें—
- रिहायशी कॉलोनियां
- औद्योगिक क्षेत्र
- बाजार और कमर्शियल जोन
- जिला एवं सामुदायिक केंद्र
- मुख्य और प्रस्तावित सड़कें
- माल परिवहन कॉम्प्लेक्स
- होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट परिसर
शासन का मानना है कि जब चार्जिंग सुविधा लोगों के घर और कार्यस्थल के करीब होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा
हाईवे पर हर 25 KM में चार्जिंग स्टेशन, 100 KM पर फास्ट चार्जर
नई नीति में दूरी के स्पष्ट मानक भी तय किए गए हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दोनों ओर हर 25 किलोमीटर में एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित किया जाएगा।
वहीं भारी वाहनों और लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक कारों के लिए हर 100 किलोमीटर में फास्ट चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे। इन स्टेशनों पर बैटरी स्वैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, ताकि चालक मिनटों में बैटरी बदलकर आगे की यात्रा जारी रख सकें











