व्रत में कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली साबूदाना? इन तरीकों से लगाएं पता

19 मार्च से नवरात्रि के पावन अवसर की शुरुआत हो गई है. इन 9 दिन में भक्त व्रत रखते हैं और मां दूर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं. इस दौरान लोग सात्विक और हल्का भोजन करते हैं, जिसमें साबूदाना एक अहम हिस्सा बन जाता है।य साबूदाना खिचड़ी, वड़ा या खीर, ये सभी व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले व्यंजन हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो साबूदाना आप खा रहे हैं, वह असली है या नकली? आजकल बाजार में मिलावट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और खाद्य पदार्थ भी इससे अछूते नहीं हैं. खासकर त्योहारों के समय जब मांग ज्यादा होती है, तो कुछ लोग मुनाफा कमाने के लिए घटिया या नकली साबूदाना बेचने लगते हैं.

यह नकली साबूदाना न सिर्फ स्वाद खराब करता है, बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि हमे ये पता हो कि हम जो साबूदाना खा रहे हैं वो असली है या नकली. इसके लिए कुछ आसान तरीके भी हैं, जिनकी मदद से आप नकली साबूदाने का पता लगा सकते हैं. चलिए जानते हैं उन 5 तरीकों के बारे में.

साबूदाने में किस चीज की मिलावट?
साबूदाना आमतौर पर टैपिओका (कसावा) के स्टार्च से बनाया जाता है, लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसमें कई तरह की मिलावट की जाती है. कुछ व्यापारी घटिया क्वालिटी के स्टार्च या दूसरे सस्ते आटे जैसे मैदा या सिंथेटिक स्टार्च का इस्तेमाल करते हैं, जिससे साबूदाने का असली पोषण खत्म हो जाता है. इसके अलावा कुछ मामलों में साबूदाने को ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल पॉलिश भी की जाती है. कई बार पुराने या खराब स्टॉक को भी दोबारा प्रोसेस करके बाजार में बेच दिया जाता है. ऐसी मिलावट न सिर्फ स्वाद को खराब करती है, बल्कि पेट से जुड़ी समस्याएं और एलर्जी जैसी दिक्कतें भी पैदा कर सकती है. चलिए जानते हैं नकली साबूदाने का पता लगाने के तरीके.

ऐसे पहचानें नकली साबूदाना
पानी में भिगोकर जांच करें- साबूदाने को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें. असली साबूदाना फूलकर नरम हो जाता है और अपनी शेप बनाए रखता है, जबकि नकली साबूदाना या तो पूरी तरह घुलने लगता है या बहुत ज्यादा चिपचिपा हो जाता है.

रंग और चमक पर ध्यान दें- असली साबूदाना हल्का सफेद और नेचुरल नजर आता है. अगर साबूदाना बहुत ज्यादा चमकदार या एकदम सफेद दिखे, तो इसमें केमिकल पॉलिश होने की संभावना हो सकती है. इस तरह के साबूदाने को खाने से बचें.

हाथ से दबाकर देखें- सूखे साबूदाने को उंगलियों से दबाने पर असली दाना आसानी से नहीं टूटता, जबकि नकली या मिलावटी साबूदाना जल्दी चूरा बन जाता है.

पकाने के बाद टेक्सचर जांचें- असली साबूदाना पकने के बाद दाने-दाने अलग और मुलायम रहता है. वहीं नकली साबूदाना बहुत ज्यादा चिपचिपा या गाढ़ा पेस्ट जैसा बन सकता है.

स्वाद और गंध से पहचानें- असली साबूदाना स्वाद में हल्का और सामान्य होता है. अगर इसमें अजीब सी गंध आए या स्वाद अलग लगे, तो समझ लें कि इसमें मिलावट हो सकती है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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