ईसाई परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले में पास्टर समेत 7 पर एफआईआर दर्ज

बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र में एक ईसाई परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चर्च कमेटी के पास्टर सहित सात पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कमेटी ने परिवार से सामाजिक संबंध समाप्त करने का संदेश प्रसारित कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और समाज से अलग-थलग करने का प्रयास किया।

शिकायत के अनुसार, मिशन कंपाउंड स्थित सीएनआई चर्च की नई कमेटी ने हरीश लाल और उनके परिवार के खिलाफ लोगों से अपील की कि वे उनसे बातचीत न करें और उनके किसी भी सुख-दुख में शामिल न हों। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस फैसले से उन्हें लगातार मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

पीड़ित ने पहले कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत का रुख किया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने सौरभ पीटर्स, राजा सालोमान दास, अनिल मसीह, थियोडोर पीटर्स, सुनीलेश पीटर्स, सुलेमान दास और पास्टर मनीष आर. मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हरीश लाल का आरोप है कि नई कमेटी बनने के बाद से पिछले दो वर्षों से उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक बैठक में उन पर क्रिसमस और ईस्टर जैसे धार्मिक पर्वों का अपमान करने का आरोप लगाकर पूरे परिवार को “नॉट इन गुड स्टैंडिंग” घोषित कर सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि चर्च के उच्च पदाधिकारी की ओर से बहिष्कार को अवैध और असंवैधानिक बताए जाने के बावजूद कमेटी ने आदेश को नहीं माना। इसके अलावा आरोपियों ने मिशन कंपाउंड स्थित उनके कार गैरेज के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया, जिससे उनका व्यवसाय भी प्रभावित हुआ। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com