सरकारी स्कूलों की फीस बढ़ी, नए सत्र से लागू होगा नया शुल्क

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा फीस देनी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र से बढ़ी हुई फीस लागू करने का आदेश जारी कर दिया है।
विभाग का कहना है कि परीक्षा सामग्री, खेलकूद गतिविधियों और विज्ञान प्रयोगशाला से जुड़ी सामग्रियों की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते फीस में संशोधन करना जरूरी हो गया था। हालांकि इस फैसले से अब अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने वाला है।

कई मदों में बढ़ाई गई फीस
शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शुल्क ढांचे के अनुसार अलग-अलग गतिविधियों और फंड की फीस में बढ़ोतरी की गई है।
- एक्टिविटी फीस: 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये
- गरीब छात्र सहायता कोष: 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये
- साइंस क्लब फीस: 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये
- स्काउट-गाइड फंड: 50 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये
- खेलकूद फीस: 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये
- साइंस प्रैक्टिकल फीस: 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये
- हायर सेकेंडरी एक्टिविटी फीस: 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये
हालांकि रेडक्रॉस फीस में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 30 रुपये ही रहेगी
44 लाख से ज्यादा छात्रों पर असर
प्रदेश में करीब 56 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 44 लाख से ज्यादा छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में फीस बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ेगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ी हुई फीस से स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधियों और संसाधनों के संचालन में आर्थिक मदद मिलेगी। वहीं अभिभावकों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला उनकी चिंता बढ़ाने वाला है।











