धमतरी: तुंहर टोकन एप की त्रुटि एवं कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों को टोकन मिलने के बावजूद धान तौल में देरी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है. हालात यह है कि लिमिट से चार गुना अधिक धान की आवक हो जाने से किसानों को उपार्जन केंद्र के गेट के बाहर तक बारदाना भरना पड़ा. व्यस्था बनाने में जुटे समिति प्रबन्धक एवं कर्मचारियों ने फिरहाल किसानों से आज खरीदी बन्द कर दिया है.
बुधवार को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जुगदेही में तय लिमिट से चार गुना अधिक धान की आवक हुई। धान की ढेर इतनी थी कि दोपहर तक पैर रखने की जगह नजर नही आ रही थी. किसानों ने अपनी उपज भरे बारदाने सोसायटी से बाहर गेट तक खड़े करने की नौबत आ गई थी। देर शाम तक धान तौलाई का कार्य जारी था एवं तौलाई ठेके के मजदूर तौले हुए धान की स्टाक बनाने में लगे थे। वहीं समिति प्रबन्धक द्वारा स्थिति को देखते हुए 20 तारीख के लिए टोकन कटे किसानों को आज अपनी उपज नही लाने की मुनादी करवा दी गई है.
मंगलवार रात तक आवक रहा जारी
संबंधित सोसायटी के किसानों ने बताया कि चूंकि तुंहर टोकन एप में त्रुटि होने के कारण 14 तारीख एवं 19 तारीख को कटे धान की आवक को लिया गया. जोकि बुधवार सुबह से आवक लेने पर संभव नही होता पाता। इसलिए समिति ने मंगलवार शाम से ही आवक शुरु कर दी थी जो बुधवार सुबह 11 बजे तक जारी रहा। एक ही दिन में 6000 क्विंटल धान की आवक हो जाने से रेलमपेल की स्थिति निर्मित हो गई। तौलाई कार्य मे लगे मजदूर दिनभर में भी इतने धान की तौलाई नही कर पाये.
वैकल्पिक कर्मचारियों की मदद से हो रही खरीदी
समिति प्रंबन्धक अंकित कश्यप ने बताया कि जुगदेही सोसायटी में वैकल्पिक कर्मचारियों की मदद से बुधवार को 5500 के करीब धान की खरीदी की जा चुकी है, तौलाई कार्य जारी है जिसे आज की स्थिति में पूरा कर पूरे 5900 किसानों का डाटा हमारे कम्प्यूटर साफ्टवेयर में अपलोड कर लिया जाएगा. चूंकि अगली टोकन के आवक के लिए जगह नही बन पाया है इसलिए गुरुवार को आवक बन्द रखा गया है.
अब तक कि ऐतिहासिक धान खरीदी हुई है
प्राधिकृत अधिकारी भोलाराम साहू की माने तो जुगदेही सोसायटी में एक ही दिन में करीब 6000 क्विंटल धान की खरीदी पहली बार हुई है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को देखते हुए हड़ताली कर्मचारियों को फिर से वापस काम पर लौटने की अपील की है वहीं किसानों को खरीदी कार्य मे समिति का सहयोग करने व 20 तारीख को कटे 1500 क्विंटल धान टोकन वाले किसानों को व्यवस्था बन जाने पर सूचित करने की बात कही है.
विभागीय लापरवाही हुई उजागर:
गाइडलाइन के अनुसार धान खरीदी केंद्रों में 70 प्रतिशत ऑनलाइन एवं 30 प्रतिशत ऑफलाइन टोकन काटना था लेकिन जिले के 8 खरीदी केंद्रों में अधिक मात्रा में धान टोकन काट दिया गया है। इनमें लोहरसी, खरेंगा, अछोटा, कंडेल, संबलपुर, नगरी, बगदेही, कुर्रा खरीदी केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुछ और खरीदी केंद्र हैं, जहां पर लिमिट से ज्यादा मात्रा में धान खरीदी के लिए टोकन जारी हो गया है, लेकिन यहां पर धान की मात्रा इतनी ज्यादा नहीं है.
कंडेल धान खरीदी केंद्र में 25 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल धान खरीदने का टोकन काट दिया गया है। इसे लेकर प्रभारी प्रबंधक से लेकर किसान परेशान हैं. एक दिन में इतनी बड़ी मात्रा में धान खरीदी संभव नहीं है। धान की यह मात्रा खरीदी केंद्र के रोजाना खरीदी लिमिट से 15 गुना से ज्यादा है.
कुर्रा धान खरीदी केंद्र में 25 नवंबर के लिए 461 किसानों का 21 हजार 596.80 क्विंटल धान खरीदी का टोकन कट गया है। यहां धान खरीदी की लिमिट प्रतिदिन 1500 क्विंटल है. यही स्थिति जुगदेही धान खरीदी केंद्र की है, जहां 6 हजार क्विंटल धान खरीदी के लिए टोकन काटा गया है.