इंद्रजीत यादव के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा, ईडी ने करोड़ों की नकदी और संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह यादव अपने करीबी सहयोगियों सुनील गुप्ता और अमन कुमार के माध्यम से अवैध कमाई को छिपाने और ठिकाने लगाने का काम कर रहा था। इस मामले में ईडी ने दिल्ली के सर्वप्रिय विहार और वेस्ट एंड ग्रीन फार्म्स सहित कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।

सर्वप्रिय विहार में हुई कार्रवाई के दौरान ईडी को 5.12 करोड़ रुपये नकद, 8.8 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के गहने तथा लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज मिले। इसके बाद वेस्ट एंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के घर और फार्महाउस पर भी छापेमारी की गई, जहां से 1.22 करोड़ रुपये नकद और करीब 8.50 करोड़ रुपये के गहने बरामद किए गए।

जांच एजेंसी के अनुसार, सुनील गुप्ता ने पहले अमन कुमार को कर्ज दिया था। अमन कुमार को इंद्रजीत यादव का करीबी और सहयोगी बताया जा रहा है। ईडी की कार्रवाई के बाद अमन कुमार ने अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाने के लिए बड़ी रकम सुनील गुप्ता को ट्रांसफर की थी।

ईडी ने 30 दिसंबर को इंद्रजीत यादव और उसके सहयोगियों के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी, जो लंबे समय तक चली। अब तक की कार्रवाई में करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जांच एजेंसी ने इंद्रजीत यादव को एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का मुख्य चेहरा बताया है, जो अवैध वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गंभीर अपराधों में सक्रिय था।

ईडी और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इंद्रजीत यादव पर हत्या, अवैध वसूली, धोखाधड़ी, जमीन कब्जा, हथियारों के बल पर धमकाने और हिंसक गतिविधियों से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने अवैध कमाई से महंगी लग्जरी कारें और कई चल-अचल संपत्तियां खरीदीं, जबकि आयकर रिटर्न में बेहद कम आय दर्शाई जाती रही। मामले में आगे की जांच जारी है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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