लखीमपुर खीरी: भारतीय टैक्सियों के नेपाल में प्रवेश पर रोक, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें; गौरीफंटा बॉर्डर से लौटीं

लखीमपुर खीरी: नेपाल के धनगढ़ी-कैलाली जिला प्रशासन ने भारतीय नंबर की टैक्सियों के प्रवेश और सवारी ढोने पर प्रतिबंध लगाया है. इसका असर दूसरे दिन भी दिखा. इससे नेपाल जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी हुई.
नेपाल के धनगढ़ी-कैलाली जिला प्रशासन के भारतीय नंबर की टैक्सियों के प्रवेश और सवारी ढोने पर लगाए गए प्रतिबंध का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. प्रतिबंध के दूसरे दिन बुधवार को भी भारतीय टैक्सियां नेपाल सीमा में दाखिल नहीं हुईं, जिससे पर्यटकों और आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा.
प्रशासनिक कड़ाई के चलते भारतीय महानगरों से नेपाली यात्रियों को लेकर आ रही दर्जनों टैक्सियां लखीमपुर खीरी के गौरीफंटा बॉर्डर तक ही सीमित रहीं. पुलिस की कार्रवाई के डर से टैक्सी चालकों ने यात्रियों को बॉर्डर पर ही उतार दिया और वहीं से वापस चले गए.
आसपास के क्षेत्रों में खड़ी नजर आईं टैक्सियां
स्थिति यह रही कि जो टैक्सियां वापस नहीं गईं, वह कार्रवाई से बचने के लिए बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों जैसे बनगंवा मंडी, सेढ़ाबेढ़ा गांव और बनकटी वन बैरियर के पास छिपकर खड़ी नजर आईं. गौरतलब है कि सोमवार को धनगढ़ी-कैलाली जिला प्रशासन ने धनगढ़ी बाजार सहित पूरे जिले में भारतीय टैक्सियों द्वारा नेपाली सवारियां ढोने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था, जो मंगलवार से प्रभावी हो गया.
बताया जा रहा है कि बॉर्डर तक आने वाली अधिकांश टैक्सियों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी होती हैं. कागजात दुरुस्त न होने और अवैध संचालन के कारण चालक मुख्य सड़कों के बजाय गांवों और मंडियों में अपनी गाड़ियां छिपाकर सवारी की बुकिंग का इंतजार करते देखे जा रहे हैं और सामान के साथ आए यात्रियों को बॉर्डर पर उतरकर पैदल या अन्य साधनों से नेपाल सीमा में प्रवेश करना पड़ रहा है.









