उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले, महाकाल दर्शन के यात्रियों को होगी परेशानी

रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 31 ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के प्लेटफार्म में बदलाव किया है। यह नई व्यवस्था 10 फरवरी से लागू होगी। इसके तहत कुछ ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर सात और आठ पर स्थानांतरित किया गया है, जिससे महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव प्लेटफार्म नंबर एक पर बढ़ती भीड़ को कम करने और स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इससे सभी प्लेटफार्मों का समान उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा और यात्री आवागमन को सुगम बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत सात ट्रेनें अब प्लेटफार्म नंबर आठ पर और चार ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर सात पर संचालित होंगी। इसके कारण यात्रियों को प्लेटफार्म सात और आठ से मुख्य प्लेटफार्म नंबर एक तक पैदल चलकर आना होगा। भारी सामान के साथ आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इससे परेशानी हो सकती है।
उज्जैन स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 76 यात्री ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं। प्लेटफार्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को इंदौर गेट और मुख्य स्टेशन की ओर आना पड़ेगा। नागदा एंड की ओर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा नहीं होने से असुविधा और बढ़ सकती है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनेगी। साथ ही, लंबे समय में इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले गए हैं। इनमें इंदौर, नागपुर, वाराणसी, मुंबई, भोपाल, रतलाम और अन्य शहरों से आने-जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।











