मगध की संस्कृति का महाकुंभ! 2 जनवरी को भव्य रामरूप मेहता महोत्सव, महिला फुटबॉल से रचेगा इतिहास

औरंगाबाद : राज्य के भव्यतम समारोहों में से एक रामरूप मेहता महोत्सव का उद्घाटन दो जनवरी को मगध विश्वविद्याल के कुलपति डॉ. शशिप्रताप शाही करेंगे.समारोह की संयोजक सुषमा पांडेय ने इस बात की जानकारी दी.आयोजन हर साल की तरह उच्च विद्यालय हसपुरा के क्रीड़ा स्थल में होगा.समारोह की तैयारी जोर शोर से चल रही है.उन्होंने कहा कि इससे पहले 2024 के महोत्सव का भी कुलपति डॉ. शाही ने ही उद्घाटन किया था.

महिला टीमों के बीच होगा फुटबॉल मुकाबला

अध्यक्ष अरविंद कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष मणिकांत पांडेय और उपाध्यक्ष अनीश केसरी ने बताया कि इस बार महिला टीमों के बीच मुकाबला होगा.शहीद रामरूप मेहता की जयंती पर आयोजित 46वें महोत्सव में महिला टीम मुजफ्फरपुर और महिला टीम बेतिया के बीच फुटबॉल मैच खेला जाएगा.महोत्सव के इतिहास में पहली बार महिला टीमों के बीच फुटबॉल मैच होगा.

45 वर्षों से लगातार हो रहा आयोजन

बता दें कि रामरूप मेहता महोत्सव का आयोजन लगातार 45 वर्षों से हो रहा है.समाजवादी नेता रामरूप मेहता की 16 मार्च 1980 को शहादत के बाद से उनके जन्मदिन पर प्रत्येक दो जनवरी को 1981 से यह समारोह होता रहा है.साढ़े चार दशकों के दौरान अब यह समारोह मगध की संस्कृति का हिस्सा बन चुका है.

इलाके के लोग बेसब्री से इस दिन का इंतजार करते होत. समारोह में 40-50 हजार लोग तक जमा होते हैं.महोत्सव में अब तक कर्पूरी ठाकुर से लेकर कई मंत्री, सांसद, विधायक, मगध विवि के कुलपति प्रो. शशिप्रताप शाही, वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार, सुपर 30 के संस्थापक गणितज्ञ आनंद कुमार आदि शामिल हो चुके हैं.

कौन थे शहीद रामरूप मेहता

रामरूप मेहता हसपुरा प्रखंड अंतर्गत बिरहारा के रहनेवाले थे.विद्यार्थी जीवन में ही वे बिनोवा भावे के साथ जुड़ गये थे और उनके भूदान आंदोलन का हिस्सा बन गये थे.बाद में वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ सर्वोदय आंदोलन से जुड़े और उनके ग्राम निर्माण मंडल अभियान में लंबे समय तक काम करते रहे। रामरूप मेहता के राजनीतिक जीवन की शुरुआत राममनोहर लोहिया की संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से हुई.

आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे16 मार्च 1980 को उनके राजनीतिक विरोधियों ने भाड़े के हत्यारों द्वारा उनकी हत्या करवा दी.कर्पूरी ठाकुर की प्रेरणा से रामरूप मेहता के सहयोगियों ने दो जनवरी को उनकी जयंती मनाना शुरू किया, जो 1981 से अब तक जारी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com