बांधनी प्रिंट की पुरानी साड़ी से बनाएं नए अंदाज की आउटफिट, यकीनन सभी को आएगी पसंद

अगर आप यह सोचती हैं कि बांधनी प्रिंट केवल पूजा-पाठ जैसे मौकों या होली-दीपावली जैसे त्योहारों तक सीमित है, तो आप पूरी तरह से गलत हैं। हाल ही में बांधनी के साथ आए एक प्रयोग या नयेपन से आप हैरान रह सकती हैं। यकीन न हो तो जरा नाइकी का नया कलेक्शन देख लीजिए। नाइकी ने हाल ही में नॉर ब्लैक, नॉर व्हाइट के साथ मिलकर अपने स्पोर्टस कलेक्शन में बांधनी प्रिंट को शामिल किया है। यानी अब यह प्रिंट पारंपरिक भारतीय परिधान तक सीमित नहीं रहा। स्पोर्ट्स वियर में इस प्रिंट की मौजूदगी बताती है कि भारतीय कला और परंपरा हर सांचे में ढल सकती है। स्पोर्ट्स वियर में इस तरह का नयापन लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है, तो अब देर किस बात की है। यकीनन आपके पास बांधनी का कलेक्शन तो होगा ही। बस, अब आपको इसे बाहर निकालना है और खास लुक देकर अपनी नई ड्रेस तैयार कर लेनी है। इस बाबत फैशन इंफ्लूएंसर निकिता पटेल कहती हैं कि आज के समय में बांधनी को अपनाने का सबसे अच्छा तरीक है, फ्यूजन। यही काम नाइकी ने भी किया है। इस तरह के प्रयोगों को युवा बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। बांधनी में खुद को कैसे दें नया अंदाज, आइए जानें:

ऑफिस में बांधनी

अगर आप ऑफिस में ऐसा कोई नया प्रयोग करना चाहती हैं, तो आप बांधनी के को-ऑर्ड सेट, ट्यूनिक, स्टोल या कफ्तान आजमा सकती हैं। प्रिंट छोटे रहें, तो बेहतर होगा। बांधनी को हाईलाइट करने के लिए, उसी रंग का प्लेन बॉटम पहनें। साथ ही एक्सेसरीज भी कम से कम रखें। हां, ड्रेस में थोड़ी कसीदाकारी शामिल कर सकती हैं, पर ऑफिस के लिहाज से यह सीमित रहे तो बेहतर है।

स्पोर्ट्स और जिम वियर में बांधनी

अगर आप जिम में स्टाइलिश और अलहदा दिखना चाहती हैं, तो बांधनी आपके लिए एक बेहतरीन तरीका है। आप बांधनी प्रिंट वाले बॉटम और टीशर्ट पहन सकती हैं। आपको यह प्रिंट कलर ब्लॉकिंग के साथ फ्यूजन में मिल जाएगा। इसके अलावा आपको बांधनी प्रिंट में ट्रैक सूट भी मिलेंगे। इन जिम वियर में बांधनी का रंग पारंपरिक लाल या नीला नहीं है, बल्कि इसमें आपको आसमानी नीला, स्लेटी, खाखी जैसे रंग देखने को मिलते हैं।

पुरानी बांधनी का नया लुक

आप अपनी पुरानी बांधनी साड़ी को एकदम नया लुक देकर लेटेस्ट फैशन के हिसाब से पहन सकती हैं। अपनी पुरानी बांधनी साड़ियों को अलमारी से बाहर निकालिए और उससे ट्यूनिक, टॉप, कफ्तान वगैरह बनवाइए। निकिता कहती हैं कि पुरानी साड़ी के बेहतरीन हिस्से को किसी अन्य साड़ी के साथ जोड़ते हुए हाफ साड़ी वाला लुक बना सकती हैं। अगर लहंगा पहन रही हैं, तो पुरानी बांधनी साड़ी के एक हिस्से को दुपट्टे वाला लुक देकर लहंगे की फिनिशिंग करें। बांधनी के अलावा ड्रेस का बाकी हिस्सा बिना प्रिंट वाला साधारण रखें।

बांधनी में ये है नया

आज के समय में फैशन सिर्फ दिखावे के लिए नहीं रह गया, बल्कि यह हमारी पर्सनैलिटी और सोच का आईना बन गया है। बांधनी को अपनाते समय आप कुछ नए और अनोखे तरीके भी अपना सकती हैं। बांधनी प्रिंट में जैकेट उपलब्ध है। बांधनी जैकेट्स जीन्स और टी-शर्ट के ऊपर लाजवाब नजर आती हैं। वहीं अलहदा लुक में इसे आप फुटवियर में भी देखेंगी। बांधनी प्रिंट वाले स्नीकर्स और स्लिप ऑन चलन का हिस्सा बन चुके हैं। बैग्स और एक्सेसरीज में भी आपको बांधनी प्रिंट मिल जाएंगे।

क्यों कहते हैं बांधनी?

बांधनी सिर्फ एक प्रिंट नहीं बल्कि एक कहानी है। इसमें रंगों का खेल, धागों की मेहनत, कारीगरों की सैकड़ों साल पुरानी कला और भारतीय संस्कृति की झलक मिलती है। हर बांधनी पीस अपने आप में अनोखा होता है। कोई दो बांधनी डिजाइन बिल्कुल एक जैसे नहीं हो सकते। यही वजह है कि यह इतना खास और दिल से जुड़ा हुआ लगता है। बांध शब्द संस्कृत के बंध शब्द से आया है, जिसका मतलब है बांधना। इस कला में कपड़े को अलग-अलग हिस्सों में करके कसकर बांधा जाता है और फिर रंगों में डुबोया जाता है। बंधे हुए हिस्से रंग नहीं पकड़ते, जिससे पैटर्न बनते हैं। राजस्थान के जोधपुर, जयपुर, और गुजरात के कच्छ, जामनगर, और सौराष्ट्र इलाकों में यह कला सबसे ज्यादा विकसित हुई।