विधायक शकुंतला का जाति विवाद,छानबीन समिति ने जारी किया नोटिस:बलरामपुर में सत्यापन समिति में 27 को उपस्थित होने का निर्देश,हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई 

प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए बलरामपुर की छानबीन समिति ने 27 नंवबर को जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। शकुंतला पोर्ते को जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन का आदेश दिया है

शकुंतला पोर्ते ने वर्ष 2023 में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित प्रतापपुर सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाण पत्र पेश किया था। शकुंतला पोर्ते को जारी जाति प्रमाणपत्र को चुनौती देते हुए बलरामपुर जिले के नवगईं निवासी धन सिंह धुर्वे ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने दाखिल याचिका क्रमांक 2966/2025 की सुनवाई करते हुए शकुंतला पोर्ते को जारी जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन के लिए अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

यूपी की निवासी हैं शकुंतला, बलरामपुर में बना प्रमाणपत्र विधायक शकुंतला पोर्ते का जन्मस्थान उत्तरप्रदेश का मऊ जिला बताया गया है। उत्तरप्रदेश के मऊ में गोंड जाति अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित है। याचिकाकर्ता ने बताया है कि शकुंतला पोर्ते का जाति प्रमाण पत्र पति के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में गोंड़ जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग में अधिसूचित है।

गोंड़ समाज ने भी शकुंतला पोर्ते के खिलाफ मोर्चा खोलकर जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग की है। नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र पिता के आधार पर बनाया जाता है, पति के आधार पर नहीं। इसी आधार पर याचिकाकर्ता धन सिंह धुर्वे ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है

सत्यापन समिति ने उन्हें 27 नवंबर को मय दस्तावेज उपस्थित होने का निर्देश दिया है। विधायक से जो दस्तावेज मांगे गए हैं, उनमें पूर्वजों के राजस्व अभिलेख, जन्म पंजीयन, शालेय दाखिल-खारिज पंजी, निवास संबंधित अभिलेख शामिल हैं। विधायक अपने वकील के माध्यम से भी ये दस्तावेज जमा करा सकती हैं।

विधायक का प्रमाण पत्र फर्जी-भानू प्रताप राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा है कि विधायक शकुंतला पोर्ते का फर्जी है। प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते का मामल राज्य अजजा आयोग में आया था। मैंने उसकी जांच कराई थी। उनका जन्म स्थान यूपी का मउ जिला है। प्रतापपुर क्षेत्र में उनकी शादी हुई है। उन्होंने वर्ष 2002-03 में पति बहादुर के नाम से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। जाति प्रमाणपत्र निर्वाचन आयोग में जमा किया गया है। उनका जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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