MP Weather Forecast- मध्य प्रदेश में मानसून हुआ धीमा, अगले 4 दिन नहीं होगी भारी बारिश, जानें किन जिलों में बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ श्री गंगानगर, रोहतक, बांदा, सीधी, रांची होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला है। इसके अलावा, ऊपरी हवा के तीन चक्रवातीय परिसंचरण क्रमशः दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हैं, जो ऊंचाई पर झुकाव के साथ मौसम पर असर डाल रहे हैं।

MP Weather Forecast/मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। 1 अगस्त से राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
बीते दिनों की लगातार भारी बारिश के बाद अब प्रदेश में कोई सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है, जिससे आगामी 4 से 5 दिनों तक भारी वर्षा की संभावना बेहद कम है। हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में चक्रवातीय परिसंचरण की स्थिति सक्रिय है, जिसके प्रभाव से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में आज हल्की बारिश संभव है। शनिवार को ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बादल बरस सकते हैं।
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, मंदसौर और नीमच जैसे जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और सागर समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ श्री गंगानगर, रोहतक, बांदा, सीधी, रांची होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला है। इसके अलावा, ऊपरी हवा के तीन चक्रवातीय परिसंचरण क्रमशः दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हैं, जो ऊंचाई पर झुकाव के साथ मौसम पर असर डाल रहे हैं।
प्रदेश में अधिक बारिश (MP Weather Forecast)
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से 31 जुलाई के बीच प्रदेश में औसतन 59% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 62% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 55% अधिक बारिश हो चुकी है। जहां प्रदेश का सामान्य वर्षा औसत करीब 37 इंच होता है, वहीं अब तक 28 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
ग्वालियर, शिवपुरी, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिलों में सामान्य से 50% अधिक बारिश हो चुकी है और इनका बारिश का कोटा लगभग पूरा हो गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, शाजापुर, जबलपुर, आगर-मालवा और बुरहानपुर में अभी भी अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई है।
अगले कुछ दिनों तक बारिश की रफ्तार भले ही धीमी हो, लेकिन मौसम विभाग की निगरानी जारी है। अगर चक्रवातीय सिस्टम दोबारा सक्रिय होता है, तो राज्य के कई हिस्सों में फिर से झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। इस बीच, किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।











