MP का पहला ‘सेवियर सिबलिंग’… बहन की जान बचाने के लिए छोटी बहन ने लिया जन्म, डॉक्टर्स का कमाल

MP में इंदौर के फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने मेडिकल इतिहास में एक प्रेरक और दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है। नोवा आइवीएफ और एम्ब्रियो सलेक्शन द्वारा एक बच्ची का जन्म कराया, ताकि उसकी बहन को थैलेसेमिया से बचाया जा सके। कायरा को जन्म से ही थैलेसेमिया मेजर था। यह खून का एक जेनेटिक विकार होता है, जिसके लिए आजीवन बार-बार खून बदलने की जरूरत पड़ती है।
क्या है ‘सेवियर सिबलिंग’ और बोन मैरो ट्रांसप्लांट का कनेक्शन
बोन मैरो ट्रांसप्लांट की मदद से थैलेसेमिया को ठीक किया जा सकता है, जिसके लिए विशेषज्ञों ने उसकी छोटी बहन युविका का जन्म कराया। सेवियर सिबलिंग वह स्वस्थ बच्चा होता है, जिसे आइवीएफ और जेनेटिक जांच की मदद से इस तरह जन्म दिया जाता है कि वह अपने बीमार भाई या बहन के इलाज में मदद कर सके।
नवंबर 2020 से शुरू हुआ उपचार का सफर
आठ वर्षीय कायरा के माता-पिता मनीष और स्नेहा पटेल को थैलेसेमिया बीमारी की पहचान हुई, तब वह केवल 45 दिन की थी। पटेल दंपत्ति ने नवंबर 2020 में फर्टिलिटी एक्सपर्ट डा. कल्याणी श्रीमाली से संपर्क किया, ताकि वो अपनी बेटी को बचाने के लिए आइवीएफ की मदद से गर्भधारण कर सकें। बिश्वनाथ गांगुली, चीफ ऑपरेटिंग आफिसर ने कहा ट्रीटमेंट जून 2021 में शुरू किया।











