अब शिक्षकों का वेतन ई-अटेंडेंस पर निर्भर, स्कूल में पूरा समय देना अनिवार्य

ग्वालियर में शिक्षकों को अब केवल स्कूल पहुंचने भर से नहीं, बल्कि पूरे समय ई-अटेंडेंस लगाने पर ही वेतन मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल नवंबर महीने तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी महीनों के लिए भी लागू रहेगा। शिक्षा विभाग ने 28 नवंबर को यह निर्देश जारी किया था कि शिक्षक और शाला प्रभारियों का वेतन केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया जाएगा।
शुरुआत में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत धीमा रहा, लेकिन अब शिक्षकों और शाला प्रभारियों की ऑनलाइन उपस्थिति बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। अतिथि शिक्षकों की हाजिरी का प्रतिशत 93 प्रतिशत रहा। केवल 10 प्रतिशत शिक्षक और शाला प्रभारी अभी भी ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगा रहे हैं।
ई-अटेंडेंस बढ़ने का कारण यह है कि नवंबर महीने का वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया गया, जिससे कुछ आर्थिक परेशानियां सामने आई थीं। इसके चलते शिक्षक अब नियमित रूप से लॉग इन और लॉग आउट कर रहे हैं। 13 दिसंबर को विभाग ने आदेश दिया था कि जो शिक्षक ई-अटेंडेंस नियमित लगाकर घोषणा पत्र देंगे, उनके रुके हुए नवंबर महीने के वेतन का भुगतान किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने बताया कि दिसंबर ही नहीं, आगामी महीनों का वेतन भी ई-अटेंडेंस के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। फिलहाल शिक्षक धीरे-धीरे अपना घोषणा पत्र जमा कर रहे हैं और उनके वेतन के लिए बिल कोषालय को भेजे जा रहे हैं।









