नेत्र चिकित्सा अधिकारी जसविंदर कौर विरदी ने कार्यकाल के अंतिम दिन तक मरीजों की सेवा जारी रखी

भिलाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई तीन में पदस्थ नेत्र चिकित्सा सहायक अधिकारी जसविंदर कौर विरदी ने बुधवार को अपनी लंबी शासकीय सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली। अंतिम कार्य दिवस पर उन्होंने ओपीडी में उपस्थित रहकर हितग्राहियों की जांच की और उचित परामर्श दिया। जिन मरीजों के मोतियाबिंद की पुष्टि हो चुकी थी, उन्हें एक दिन पहले जिला चिकित्सालय दुर्ग में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई तीन के बीईटीओ सैय्यद असलम के अनुसार, जसविंदर कौर विरदी की पहली नियुक्ति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुंडरदेही में 1986 में हुई थी और 1989 से वे भिलाई तीन में पदस्थ थीं। 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें नियमानुसार सेवानिवृत्त किया गया।
सेवाकाल के अंतिम दिन तक उन्होंने मरीजों और हितग्राहियों को सेवा देते हुए अपनी कर्मठ और ईमानदार छवि प्रदर्शित की। उनके द्वारा प्रति सोमवार और बुधवार को ओपीडी में नेत्र जांच की जाती रही, जबकि शेष दिनों में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों में नेत्र जांच कर सैकड़ों लोगों को निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कठौतिया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई तीन के डॉ. शिखर अग्रवाल ने कहा कि ऐसे नेत्र चिकित्सा अधिकारी का साथ छूट रहा है जो समय की प्रतिबद्धता और निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 7 जनवरी को इनका सम्मान और विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा।









