रायपुर में ‘सट्टा फोटो’ पर सियासी संग्राम, भूपेश-ओपी-टीएस के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जुबानी जंग

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथित सट्टा सिंडिकेट से जुड़ी तस्वीरों ने प्रदेश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। एक तस्वीर के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री, मौजूदा मंत्री और वरिष्ठ नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मामला अब केवल तस्वीर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन गया है।
भूपेश बघेल के पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर एक कथित सट्टा सरगना की तस्वीर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ साझा की। पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति सत्ता के बेहद करीब है और राजनीतिक संरक्षण में नजर आ रहा है। इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई।
टीएस सिंहदेव ने नाम घसीटे जाने पर जताई नाराजगी
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का नाम भी चर्चा में आया। इस पर उन्होंने सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना किसी वजह केवल राजनीतिक जवाब देने के लिए उनका नाम सामने लाना दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह अनावश्यक है। उन्होंने साफ किया कि व्यक्तिगत छवि को राजनीतिक विवाद में घसीटना उचित नहीं है।
ओपी चौधरी का पलटवार, ‘जय-वीरू’ वाला बयान बना चर्चा का केंद्र
विवाद बढ़ने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी सोशल media पर जवाब दिया। उन्होंने टीएस सिंहदेव को अच्छा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे गलत संगत में पड़ गए हैं। साथ ही पुराने राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए ‘जय-वीरू’ वाली जोड़ी का उल्लेख किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर वीरू किसी पर बाल्टी भर कीचड़ उछालेगा, तो जय पर छींटें पड़ने की संभावना बन ही जाती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी समर्थकों की जंग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस बयानबाजी को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।











