रायपुर में 332 पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की तैयारी, 28 मई तक मांगी गई आपत्तियां

रायपुर जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत उन पंचायतों और निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाएगा, जहां पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं हुआ है।
332 ग्राम पंचायतों और 8 नगरीय निकायों के नाम प्रस्तावित
जिले की कुल 408 ग्राम पंचायतों में से 332 पंचायतों ने खुद को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए अनुशंसा भेजी है। वहीं 11 नगरीय निकायों में से 8 निकायों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। संबंधित पंचायतों और निकायों ने प्रमाणित किया है कि उनके क्षेत्र में बीते दो वर्षों के दौरान बाल विवाह की कोई घटना सामने नहीं आई।
प्रशासन की ओर से प्रस्तावित सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूची कलेक्टर कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास कार्यालय और विभिन्न परियोजना कार्यालयों में अवलोकन के लिए रखी गई है।
18 से 28 मई तक दर्ज कराई जा सकेगी आपत्ति
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को किसी पंचायत या नगरीय निकाय को लेकर आपत्ति है या बाल विवाह की जानकारी है, तो वे 18 मई से 28 मई 2026 तक लिखित आवेदन जमा कर सकते हैं।
दावा या आपत्ति जरूरी दस्तावेजों के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय रायपुर में प्रस्तुत करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी।
कई परियोजना कार्यालयों में रखी गई सूची
प्रस्तावित पंचायतों और नगरीय निकायों की सूची आरंग, अभनपुर, धरसींवा-01, धरसींवा-02, रायपुर शहरी-01, रायपुर शहरी-02, तिल्दा और मंदिर हसौद परियोजना कार्यालयों में भी उपलब्ध कराई गई है। लोग वहां जाकर सूची का अवलोकन कर सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है।











