नए साल पर रायबरेली पुलिस की अपील, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साइबर ठगों से रहें सतर्क

रायबरेली: जिलेभर में नए साल 2026 की शुभकामनाओं का सिलसिला शुरू हो चुका है. लोग फोन कॉल. व्हाट्सएप. इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे को बधाई संदेश भेज रहे हैं. लेकिन इसी खुशी के माहौल का फायदा उठाकर साइबर ठग भी बेहद सक्रिय हो गए हैं. वे बधाई के नाम पर खतरनाक लिंक और APK फाइल भेजकर लोगों के फोन हैक कर रहे हैं. इस गंभीर खतरे को देखते हुए रायबरेली पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है.
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह ने बताया कि नए साल के दौरान साइबर अपराधी आकर्षक संदेश भेजते हैं. जैसे “नए साल के वॉलपेपर डाउनलोड करें” या “अपना स्पेशल न्यू ईयर गिफ्ट देखें”. इन संदेशों में अक्सर APK फाइल छिपी होती है. जैसे ही कोई यूजर इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करता है. ठग उसके फोन का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. इसके जरिए बैंक अकाउंट डिटेल्स. UPI पिन. पासवर्ड और निजी फोटो तक चोरी कर लिए जाते हैं. कई मामलों में इस तरीके से लाखों रुपये की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं.
KYC और कैशबैक का लालच
पुलिस के अनुसार. ठग अक्सर अनजान नंबरों का उपयोग करते हैं. वे नए साल के खास मौके पर KYC अपडेट करने. वॉलेट कैशबैक या लकी ड्रा जीतने जैसे झूठे लालच भी देते हैं. एसपी डॉक्टर यशवीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि अनजान नंबर से आई किसी भी फाइल को न खोलें. संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से आपके फोन का संवेदनशील डेटा लीक हो सकता है और आपका अकाउंट पलक झपकते ही खाली हो सकता है.
बचाव के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान
●APK फाइल से दूरी: अनजान नंबर या आईडी से आए किसी भी APK को तुरंत डिलीट करें.
●संदिग्ध लिंक: बधाई संदेशों में छिपे लिंक को खोलने से बचें. चाहे वे किसी परिचित के नाम से ही क्यों न आए हों.
●ऑफिशियल स्टोर: कोई भी ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से ही इंस्टॉल करें.
●एंटीवायरस: फोन में विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ्टवेयर रखें और उसे नियमित रूप से अपडेट व स्कैन करें.
●हेल्पलाइन: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं. तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें









