सीधी: संजय टाइगर रिजर्व में दुर्लभ नज़ारा, क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर दो नर बाघ आमने-सामने

सीधी: वर्ष के अंतिम दिन संजय टाइगर रिजर्व, सीधी में प्रातःकालीन सफारी के दौरान पर्यटक एक अत्यंत दुर्लभ और रोमांचक घटना के साक्षी बने. क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व ने जानकारी देते हुए बताया कि जब पर्यटकों की जिप्सी पार्क क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी, उसी समय दो नर बाघों के बीच क्षेत्रीय सम्प्रभुता को लेकर भीषण संघर्ष चल रहा था.

पर्यटकों ने इस दुर्लभ घटना को अपने कैमरों में कैद किया. संघर्षरत बाघों की पहचान नर बाघ टी-56 एवं दुबरी परिक्षेत्र में हाल ही में आए एक नए नर बाघ के रूप में की गई है. यह घटना दुबरी परिक्षेत्र की बीट बहेरवार, कक्ष क्रमांक आर.एफ. 166 में घटित हुई.

संघर्ष के दौरान घायल हुए बाघों की तीन हाथियों, दो जिप्सी तथा लगभग 25 कर्मचारियों की सहायता से सतत निगरानी की जा रही है. संजय टाइगर रिजर्व, सीधी के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं और बाघों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

क्षेत्र संचालक ने बताया कि संजय टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में वृद्धि के कारण आपसी संघर्ष की घटनाओं में भी इजाफा देखा जा रहा है. कुछ दिन पूर्व भी नर बाघ टी-61 एवं मादा बाघ टी-60 के बीच संघर्ष, तथा टी-61 द्वारा टी-60 के दो शावकों को मारने की घटना सामने आई थी.

टाइगर इकोलॉजी के अनुसार, वर्चस्व एवं क्षेत्रीय अधिकार स्थापित करने के लिए बाघों के बीच होने वाला यह संघर्ष एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो वन्य जीवन में “सर्वश्रेष्ठ की उत्तरजीविता” के सिद्धांत को दर्शाती है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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