जबलपुर में सनसनी: जादू-टोने के शक में भांजे ने कुल्हाड़ी से काटा मामा का सिर

जबलपुर : कुण्डम थाना क्षेत्र अंतर्गत बिसनपुरा गांव में 50 वर्षीय बुजुर्ग की जादू टोने के शक में हत्या कर दी गई. इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि मृतक का भांजा है, जिसने दो दिन पहले अपने मामा की कुल्हाड़ी से गर्दन काट कर हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में आरोपी भांजे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है.
जादू-टोना के शक में हत्या,
दोनों आरोपियों को शक था कि भूरा यादव जादू-टोना करता है. इसी बात को लेकर वे उस पर हमला कर रहे थे. नन्हेलाल ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी. उसी दौरान उसका बेटा सुरेश यादव भी मौके पर पहुंच गया, लेकिन आरोपियों ने उसे भी नहीं छोड़ा और डंडों से हमला कर घायल कर दिया. हमले में नन्हेलाल के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि सुरेश यादव की आंख में चोट लग गई.
सिर कटी लाश मिलने से मचा हड़कंप
इसी बीच शुक्रवार दोपहर बरापानी हार इलाके में एक व्यक्ति का सिर कटा शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान भूरा यादव के रूप में की. पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. परिजनों ने बताया कि धड़ से कुछ दूरी पर उसका कटा हुआ सिर भी बरामद हुआ, जिससे हत्या की बर्बरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
जादू-टोने के शक में भांजे ने कुल्हाड़ी से काटा मामा का सिर,
भांजे का अपने मामा के साथ अक्सर होता था विवाद
जानकारी के मुताबिक बिसनपुरा गांव में रहने वाला भूरा लाल यादव खेती किसानी और पूजा पाठ करता था. कई बार उसने गांव के लोगों की तंत्र-मंत्र और जादू टोना के जरिए समस्याएं भी दूर की थीं, लेकिन भूरा लाल यादव के भांजे संत कुमार के परिवार में समस्याएं आ रही थीं, जिसके लिए वह अपने मामा भूरा लाल यादव को जिम्मेदार मानता था और अक्सर उसके साथ विवाद करता था. उसे शक था कि भूरा लाल यादव ने उसके घर पर टोना टोटका किया है, जिसके कारण उसका परिवार समस्याओं में उलझा हुआ है.
गांव से लगे जंगल में छिपाया शव,
इसी संदेह के चलते 4 मार्च की शाम जब भूरा लाल यादव दूसरे गांव जा रहा था तभी रास्ते में उसे रोक संत कुमार ने उससे विवाद किया और फिर अपने दोस्त मधु शाह के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से भूरा लाल की गर्दन काट दी. इसके बाद उसके शव को गांव से लगे जंगल में छुपा दिया. मृतक भूरा लाल यादव के गायब होने के बाद उसके भाई नन्हे लाल यादव ने पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी और इस दौरान जंगल पहुंचे कुछ लोगों ने बिना सिर का धड़ देखकर पुलिस को जानकारी दी. फिर पुलिस के द्वारा और छानबीन करने के बाद सिर कुछ दूरी पर ही पड़ा हुआ मिला, जिससे उसकी पहचान भूरा लाल यादव के रूप में की गई.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
गांव में जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि भूरालाल यादव और संत कुमार के बीच अक्सर विवाद होता था, इसके बाद संत कुमार को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस ने संत कुमार और मधु शाह को भी गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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