कड़ाके की ठंड, रायपुर में 6.6° रात का पारा:3 दिन 8 जिलों में शीतलहर चलेगी; 5 जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद

मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों के कुछ जगहों पर शीतलहर चलने की संभावना जताई है। ठंड के कारण राज्य के कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है, और उत्तरी हिस्सों में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। मैनपाट में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
अंबिकापुर में रात का तापमान 3.3 डिग्री पहुंच गया है। वहीं रायपुर में 6.6 डिग्री, पेंड्रा में 7.6 डिग्री, दुर्ग और राजनांदगांव में 8 डिग्री, और जगदलपुर में 8.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री (जगदलपुर) और सबसे न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री (अंबिकापुर) दर्ज किया गया।
हेल्थ विभाग के अनुसार बुजुर्ग, छोटे बच्चे और क्रॉनिक बीमारियों वाले लोग ठंड से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए इनका खास ध्यान रखने की जरूरत है।
इस बीच, ठंड के कारण सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। दो पालियों वाले स्कूल भी सुबह 9.30 बजे से ही खुलेंगे।
4 जिलों में प्राइमरी स्कूल बंद
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड को देखते हुए चार जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। सरगुजा और बलरामपुर जिलों के बाद मंगलवार देर शाम कोरिया और सूरजपुर जिलों में भी प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी हो गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन जारी रहेगा।
ठंड के कारण दो पालियों में संचालित होने वाली कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। अब दो पालियों में चलने वाले स्कूल सुबह 8.30 बजे के बजाय 9.30 बजे से 12.30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई थी। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।
अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।
बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।
नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।











