MP में 13 माओवादियों में से केवल पांच का समर्पण स्वीकार, आधार कार्ड के जरिए मिलेगी पहचान

मध्य प्रदेश में सक्रिय माओवादियों के समर्पण को डेढ़ माह से अधिक समय हो गया है। राज्य में 42 माओवादियों ने अलग-अलग राज्यों में हथियार डालकर समर्पण किया था, जिनमें से 13 मध्य प्रदेश से संबंधित थे। फिलहाल केवल पांच माओवादियों का समर्पण मध्य प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया है। समर्पण नीति के तहत इन्हें लाभ दिए जाएंगे और उनके लिए आधार कार्ड बनवाया जा रहा है, जिससे उन्हें पहली बार सरकारी दस्तावेजों के माध्यम से पहचान मिलेगी।

आधार कार्ड बनने के बाद इनके बैंक खाते खोले जाएंगे और समर्पण नीति के तहत निर्धारित राशि उनके खातों में जमा की जाएगी। बाकी सात माओवादियों के मामले समर्पण नीति के तहत गठित समिति द्वारा परीक्षणाधीन हैं और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में माओवादियों ने एमएमसी जोन बनाया था, जिसमें 42 माओवादियों ने हथियार डालकर समर्पण किया था। ये सभी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।

समर्पण करने वाले माओवादियों में से कुछ ने पूछताछ में जंगल में छिपाए गए हथियार, अन्य सामग्री और नकदी की जानकारी दी। पुलिस ने उनके साथ जाकर 16 लाख रुपये नकद और संबंधित सामग्री जब्त की। समर्पण करने वाले अधिकांश माओवादियों के खिलाफ हत्या जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पूछताछ में उनके सहयोगियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

समर्पण करने वाले माओवादियों में केवल तीन मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं, शेष अधिकतर छत्तीसगढ़ के हैं। इनके आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज उनके मूल पते पर बनाए जाएंगे। इन्हें पुनर्वास, कौशल विकास और अन्य सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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