बिलासपुर में वकील की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप: परिजनों ने सुसाइड की थ्योरी खारिज की, बोले- राहुल खुदकुशी नहीं कर सकता

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के वकील राहुल अग्रवाल की मौत ने रहस्य का रूप ले लिया है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए पुलिस जांच पर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राहुल न तो तनाव में था और न ही किसी प्रेम प्रसंग में उलझा था। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं पुलिस ने दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, भाटापारा निवासी 30 वर्षीय राहुल अग्रवाल पिछले आठ साल से बिलासपुर के मंगला स्थित ग्रीन गार्डन कॉलोनी में रह रहे थे। गुरुवार शाम को वह हाईकोर्ट से काम निपटाने के बाद अपने दोस्त मुकेश राठिया से मिले और फिर दोनों सिरगिट्टी स्थित एक शो रूम से कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे, जहां दोनों ने शराब पार्टी की। बाद में वे मुकेश के घर गए, जहां तीसरा दोस्त अभिषेक आचार्य भी कुछ देर के लिए मौजूद था।

रात भर राहुल घर नहीं लौटा और फोन भी बंद रहा। अगले दिन परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी दौरान अरपा नदी के रामसेतु पुल के पास राहुल की बाइक लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने पहले इसे सुसाइड का मामला बताया, लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।

परिजनों का कहना है कि राहुल की बॉडी पर खरोचों और घिसटने के निशान हैं, कपड़े भी फटे हुए मिले हैं, जबकि बाइक बिल्कुल सुरक्षित थी। उनका सवाल है कि अगर राहुल अपने दोस्त की कार में था तो उसकी बाइक मौके पर कैसे पहुंची? साथ ही दोस्त ने नशे की हालत में राहुल को घर क्यों नहीं छोड़ा?

परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल किसी प्रेम प्रसंग में नहीं था। जिस लड़की से उसकी दोस्ती थी, उसकी शादी कई साल पहले हो चुकी थी। ऐसे में प्रेम संबंध या अवसाद की बातें पूरी तरह झूठी हैं।

सिटी कोतवाली टीआई देवेश राठौर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। पुलिस ने दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी है और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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