होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, 22 देशों ने ईरान को दी सख्त चेतावनी

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता गहरा गई है। 22 देशों के समूह ने ईरान से तत्काल हमले रोकने और समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की अपील की है। इन देशों ने वाणिज्यिक जहाजों और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि इसका असर पूरी दुनिया, खासकर कमजोर देशों पर पड़ सकता है।

संयुक्त बयान में कहा गया कि खाड़ी क्षेत्र में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हालिया हमले अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। साथ ही ईरान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पालन करने और वैश्विक शिपिंग में बाधा डालने की कोशिशें तुरंत रोकने को कहा गया है।

इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के तटीय और भूमिगत सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये ठिकाने शिपिंग मार्गों के लिए खतरा बन रहे थे, जिनमें एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम और समुद्री अवरोध से जुड़े ठिकाने शामिल थे। इस कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना बताया गया है।

तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने दावा किया कि उसने डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि इस हमले में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे ईरान की लंबी दूरी की सैन्य क्षमता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान की ओर से अमेरिकी नेतृत्व को चेतावनी भी दी गई है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। वहीं अमेरिका ने साफ किया है कि वह क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी यह टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर बड़ा असर डाल सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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