अधर में महागठबंधन का भविष्य… RJD-कांग्रेस में दरार, क्या टूट जाएगा बिहार का यह समीकरण?

बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन की गांठें खुलती हुई नजर आ रही है. राजद और कांग्रेस के नेता खुलेआम एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. बिहार में हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं. बयानबाजी तेज होने से गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं.

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा है कि बिहार में अब महागठबंधन जैसी कोई चीज नहीं बची है और कांग्रेस को राजद के साथ रहने के बजाय अकेले चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजद के साथ गठबंधन में रहकर कांग्रेस को किसी तरह का राजनीतिक लाभ नहीं मिल रहा है.

साथ बने रहने का कोई औचित्य नहीं- शकील अहमद

शकील अहमद ने कहा कि ऐसे में साथ बने रहने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि जब राजद के साथ रहने से कांग्रेस को न तो संगठनात्मक मजबूती मिल रही है और न ही चुनावी फायदा, तो फिर यह गठबंधन बोझ बनकर रह गया है. राजद ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की. राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव में कांग्रेस जो भी प्रदर्शन करती है, वह राजद की ताकत है.

कांग्रेस का बिहार में कुछ नहीं है- RJD

तिवारी ने कहा कि राजद के वोट ही कांग्रेस को मिलते हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस का बिहार में कुछ नहीं है. जो भी वोट उसे मिलता है, सब राजद की बदौलत है. हमारे ही दम पर उछलने वाले हमें ही ज्ञान दे रहे हैं.

क्या बिहार में महागठबंधन टूट जाएगा?

ऐसे में सवाल ये है कि क्या महागठबंधन टूट जाएगा? बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने को लेकर दोनों पार्टियों में तनातनी देखने को मिली थी. हालांकि, बाद में राजद और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ी थी.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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