उत्तर प्रदेश: धर्म परिवर्तन विवाद; पंचायत के बाद हुआ अंतिम संस्कार, पूरा मामला जानकर हो जाएंगे हैरान

सहारनपुर: सहारनपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत गांव पीकी में एक महिला की मौत के बाद धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद खड़ा हो गया. गांव में हिंदू से ईसाई बने एक परिवार की महिला का अंतिम संस्कार श्मशान घाट में करने से ग्रामीणों ने रोक दिया.
मामला इतना बढ़ गया कि गांव में पंचायत बुलानी पड़ी और करीब 11 परिवारों द्वारा हिंदू धर्म में वापसी की घोषणा के बाद ही महिला के शव का अंतिम संस्कार संभव हो सका. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही. जानकारी के अनुसार गांव पीकी निवासी राम सिंह का परिवार अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता है. कुछ वर्ष पूर्व राम सिंह और उनके परिवार ने ईसाई धर्म अपना लिया था. उनके साथ ही गांव के 12 अन्य परिवारों ने भी धर्म परिवर्तन किया था। इस वजह से गांव के अन्य समाज के लोग इन परिवारों से नाराज चल रहे थे.
जिन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है, उनका अंतिम संस्कार भी उसी धर्म की रीति से होना चाहिए- ग्रामीण
बता दें रात राम सिंह की पत्नी मामचंदी का निधन हो गया. मौत की खबर के बाद जब अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई, तो ग्रामीणों ने श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि जिन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है, उनका अंतिम संस्कार भी उसी धर्म की रीति से होना चाहिए और शव को ईसाई कब्रिस्तान ले जाया जाए. स्थिति बिगड़ती देख गांव के रविदास मंदिर में पंचायत बुलाई गई. पंचायत में अनुसूचित जाति समाज के लोग शामिल हुए. इसमें वे 13 परिवार भी शामिल हुए, जिन्होंने पूर्व में ईसाई धर्म अपनाया था. लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद 11 परिवारों ने सार्वजनिक रूप से अपने मूल हिंदू धर्म में वापसी की घोषणा कर दी.
घर वापसी की घोषणा के बाद ही ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए हुए राजी
बता दें इन परिवारों में करीब 50 लोग शामिल बताए जा रहे हैं, हालांकि दो परिवारों ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया. 11 परिवारों की घर वापसी की घोषणा के बाद ही ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए. इसके बाद मामचंदी का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में किया गया. प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए रखी गई और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई.











