Gold price hike: सोने-चांदी की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड! ऑलटाइम हाई पर पहुंचे दाम, जानें ₹1.55 लाख तक क्यों जा सकता है सोना?
कई देश डॉलर का इस्तेमाल कम करके अपने आर्थिक मॉडल बदल रहे हैं। अमेरिका पर कर्ज बढ़ने और डॉलर के कमजोर होने से सोने में तेजी आती है। सोना एक सुरक्षित और सीमित मात्रा में मौजूद संपत्ति है, जो महंगाई के समय भी अपनी कीमत बचाए रखती है, जिससे लंबे समय के लिए इसमें निवेश फायदेमंद माना जाता है।

Gold price hike: सोने और चांदी की कीमतों ने आज यानी 1 अक्टूबर को एक बार फिर ऑलटाइम हाई (All-Time High) का रिकॉर्ड बना दिया है।
Gold price hike।इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,983 की बढ़ोतरी के साथ ₹1,17,332 पर पहुंच गया है, जो इसकी पिछली रिकॉर्ड कीमत ₹1,15,349 से काफी ज्यादा है। वहीं, चांदी की कीमत भी ₹2,686 महंगी होकर ₹1,45,120 प्रति किलो हो गई है।
इस साल ₹41,000 महंगा हुआ सोना। Gold price hike
सोने और चांदी ने इस साल जबरदस्त उछाल दिखाया है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,162 था, जो अब ₹41,170 बढ़कर ₹1,17,332 हो गया है।एक किलो चांदी का भाव 31 दिसंबर 2024 के ₹86,017 से ₹59,103 बढ़कर ₹1,45,120 प्रति किलो हो गया है।
अगले साल ₹1.55 लाख तक जा सकता है सोना!
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में अभी और तेजी आ सकती है। गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अगले साल तक सोने के लिए $5000 प्रति औंस का टारगेट रखा है, जो मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम होगा।
वहीं, ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने भी सोने के ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक जाने का अनुमान लगाया है।
सोने में तेजी के 5 बड़े कारण
सोने की कीमतों में लगातार तेजी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के बड़े बैंक (RBI सहित) डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।
‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीति-अनिश्चितता: अमेरिका में नीतियों को लेकर अनिश्चितता है। फेडरल रिजर्व पर दखल की बातें डॉलर-बॉन्ड बाजार को कमजोर कर रही हैं, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं। क्क्रिप्टो बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और सख्त नियमों के डर से निवेशक अपना पैसा सोने में लगा रहे हैं, जिससे सोने की मांग में तेजी आई है।
कई देश डॉलर का इस्तेमाल कम करके अपने आर्थिक मॉडल बदल रहे हैं। अमेरिका पर कर्ज बढ़ने और डॉलर के कमजोर होने से सोने में तेजी आती है। सोना एक सुरक्षित और सीमित मात्रा में मौजूद संपत्ति है, जो महंगाई के समय भी अपनी कीमत बचाए रखती है, जिससे लंबे समय के लिए इसमें निवेश फायदेमंद माना जाता है।
इसके अलावा, RBI ने हाल ही में रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखा है, जो महंगाई में कमी के चलते लिया गया एक संतुलित फैसला है।










