रायपुर की लेडी डॉन पूजा पुलिस हिरासत में:छात्र- छात्राओं को फ्लैट में कैद कर छेड़खानी-लूट की, पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा; खुद को बताया था पुलिस अफसर

राजधानी रायपुर में लेडी हिस्ट्रीशीटर पूजा उर्फ मोनिका सचदेवा की गुंडागर्दी ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। कमल विहार के एक फ्लैट में दो छात्राओं और उनके भाई को बंधक बनाकर मारपीट व लूट की वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
आरोपियों ने खुद को महिला एसआई बताकर पीड़ितों को डराया और धमका-धमकाकर कैश, मोबाइल, लैपटॉप समेत करीब डेढ़ लाख का सामान छीन लिया। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने पूजा सहित उसके पांच मददगारों को गिरफ्तार किया है। मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की तलाश जारी।
मुजगहन पुलिस ने की कार्रवाई
मामला मुजगहन थाना क्षेत्र का है। अमलीडीह की एक युवती अपनी सहेली के साथ भाई को दवाई देने कमल विहार गई थी। दवाई देकर लौटते समय लिफ्ट में उनकी मुलाकात पूजा सचदेवा और उसके साथियों से हो गई। सभी नशे की हालत में थे। बातचीत के दौरान पूजा ने खुद को महिला पुलिस अधिकारी बताते हुए छात्रा पर ‘गलत गतिविधियों’ में शामिल होने का झूठा आरोप जड़ दिया।
डरी-सहमी छात्रा को पूजा जबरन उसके भाई के कमरे तक ले गई। कमरे में युवक के साथ उसके तीन दोस्त भी थे। आरोपियों ने दरवाजा बंद कर सभी को कमरे में कैद कर दिया। इसके बाद जमकर मारपीट, धमकियां और गाली-गलौज की गई। गैंग ने कैश छीनने के बाद भी पैसे की मांग करते हुए अश्लील हरकतें तक कीं। डर के माहौल में पीड़ित कुछ बोल नहीं पाए।
5 आरोपी गिरफ्तार, दो पर लगी तलाश
मुजगहन पुलिस ने तुरंत दबिश देकर पूजा सचदेवा सहित उसके गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उसका भाई मोनू सचदेवा और साथी करण साहू फरार चल रहे हैं। सभी पर डकैती, मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
अब पढ़े कौन है पूजा सचदेवा
पूजा सचदेवा को पुलिस रिकॉर्ड्स में ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जाता है। उस पर राजधानी के अलग-अलग थानों में हत्या, मारपीट, बलवा, सट्टेबाजी और गांजा तस्करी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं।
वह अब तक 18 बार जेल जा चुकी है। 2017 में हुए चर्चित संतोष दुबे हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। पुलिस ने कमल विहार इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।











