गॉल ब्लैडर सर्जरी के बाद स्टेंट खिसकने से मरीज की हालत बिगड़ी, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप

बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में गॉल ब्लैडर की सर्जरी के बाद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के दौरान डाला गया स्टेंट अपनी जगह से खिसक जाने के कारण मरीज की हालत बिगड़ गई। पीड़िता ने सर्जन और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ने बताया कि पित्त की थैली में पथरी की समस्या के चलते उन्होंने अस्पताल में सर्जरी कराई थी। ऑपरेशन के दौरान गॉल ब्लैडर निकालकर बाइल को बाहर निकालने के लिए स्टेंट डाला गया था। डॉक्टरों ने एक माह बाद स्टेंट निकालने की बात कही थी, लेकिन निर्धारित समय पर जांच कराने पर एक्स-रे रिपोर्ट में सामने आया कि स्टेंट अपनी जगह से खिसककर अंदर चला गया है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज और परिजनों में हड़कंप मच गया। पीड़िता का कहना है कि स्टेंट का इस तरह अंदर खिसक जाना सीधे तौर पर सर्जरी के दौरान की गई लापरवाही को दर्शाता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। आरोप है कि जब डॉक्टर से स्टेंट निकालने की बात कही गई तो उन्होंने सर्जरी करने से इनकार कर दिया और बाहर बड़े शहरों में इलाज कराने की सलाह दी।
पीड़िता ने प्रशासन से शिकायत करते हुए कहा है कि यदि इस लापरवाही के कारण उनकी जान को कोई खतरा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की होगी। उनका कहना है कि स्टेंट अंदर रहने से गंभीर संक्रमण और अन्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। अस्पताल के अनुसार कई मामलों में स्टेंट अपनी जगह बदल लेता है, जिसे एंडोस्कोपी के जरिए निकाला जाता है। यह सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को अन्यत्र इलाज कराने की सलाह दी गई है। अस्पताल का दावा है कि मरीज की स्थिति फिलहाल सामान्य है।









