सोनभद्र : रात के अंधेरे में पुलिस से भिड़ा गैंगरेप आरोपी, पैर में गोली लगते ही ढेर

सोनभद्र : ओबरा में अपराध करोगे तो पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे और गोली चलाओगे तो खाकी भी खामोश नहीं रहेगी.” ओबरा पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को धूल चटाकर इस बात को सच साबित कर दिया है.

पहाड़ी पर किशोरी की अस्मत लूटने वाले तीनों दरिंदों को पुलिस ने रविवार की तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया.इस दौरान एक आरोपी ने भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में जा लगी.

30 घंटे का ‘ऑपरेशन क्लीन’

बीते 2 जनवरी को जब पीड़िता की मां कलवंती देवी ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ हुई दरिंदगी की शिकायत दर्ज कराई, तो पूरे जिले में हड़कंप मच गया. मिशन शक्ति केंद्र ने तुरंत पीड़िता को सहारा दिया और ओबरा थाना प्रभारी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें दरिंदों के शिकार पर निकल पड़ीं.पुलिस को निर्देश साफ थे—आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए.

आधी रात को खदान में ‘एनकाउंटर’

3 और 4 जनवरी की दरमियानी रात पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि तीनों आरोपी बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में छिपे हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं.पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की तो हड़कंप मच गया.

पुलिस ने पप्पू उर्फ बिंदू यादव और अर्जुन डोम को मौके पर ही दबोच लिया.लेकिन तीसरा आरोपी करन डोम अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा.पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, तो उसने तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।जवाबी कार्रवाई (Self-Defense) में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे करन के पैर में लगी.वह कराहते हुए वहीं ढेर हो गया.

बरामदगी और कानूनी शिकंजा

मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी करन के पास से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया है.आरोपियों के पास से पीड़िता से छीना गया मोबाइल और कुछ नकदी भी मिली है.पुलिस ने इन पर BNS की नई धाराओं सहित पॉक्सो (POCSO) और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाकी दोनों को हवालात भेज दिया गया है. पप्पू उर्फ बिन्दू यादव (30 वर्ष): मुख्य आरोपी राजगीर मिस्त्री, जिसने विश्वासघात किया.अर्जुन डोम (19 वर्ष): भलुआ टोला का निवासी और घटना में शामिल साथी। करन डोम (28 वर्ष): लंका कॉलोनी का निवासी, जिसने पुलिस पर फायरिंग की (पैर में गोली लगी).

जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद

इस त्वरित कार्रवाई से ओबरा की जनता ने राहत की सांस ली है.ओबरा सीओ अमित कुमार ने बताया कि अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी. पीड़िता को सुरक्षा और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जा रही है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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