चुनाव आयोग पर ममता बनर्जी का तीखा हमला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन कर रहा है और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि अगर राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कोई अनुचित कार्रवाई की गई तो सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों को डिमोट किया गया है, राज्य सरकार उन्हें अन्य पदों पर प्रमोट करेगी और उनके अधिकारों की रक्षा करेगी।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘तुगलकी आयोग’ बताते हुए आरोप लगाया कि आयोग एक राजनीतिक दल के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने सात निलंबित अधिकारियों के मुद्दे पर भी सरकार का पक्ष रखा और कहा कि इन अधिकारियों को पूरी तरह से हटाया नहीं गया है। वे चुनाव कार्यों से अलग रहकर अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाएंगे और उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
दरअसल, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण में कर्तव्य में लापरवाही और शक्ति के दुरुपयोग के आरोप में सात अधिकारियों को निलंबित किया था। इस कार्रवाई के बाद राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव की स्थिति बन गई है, जिससे चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।











