CG Teacher News: पेंशन के लिए डीपीआई का घेराव, एसोसिएशन ने टेट परीक्षा के लिए सचिव से की चर्चा

CG Teacher News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व सेवा से पेंशन लेने के लिए शिक्षक एकजुट हो गए हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने विभागीय टेट परीक्षा को लेकर डीपीआई का घेराव किया। इस दौरान एसोसिएशन ने टेट परीखा के लिए सचिव से विस्तृत चर्चा की।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के अगुवाई में याचिकाकर्ता शिक्षक समूह के द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय अनुसार संविलियन पूर्व की सेवा गणना कर “पूर्ण पेंशन” प्रदान करने हेतु नीति निर्धारण एवं आदेश जारी करने की मांग को लेकर डीपीआई का घेराव किया गया। विभागीय स्तर पर पता चला है कि कोर्ट के निर्णय के आधार पर पेंशन देने का निर्णय नही लेते हुए सुप्रीम कोर्ट स्तर पर अपील किये जाने हेतु शिक्षा विभाग प्रयासरत है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा एवं प्रतिनिधि मंडल द्वारा कमलप्रीत सिंह सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, अशोक नारायण बंजारा उप संचालक, डॉ महेश नायक उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को ज्ञापन सौंप कर न्यायालयीन निर्णय अनुसार पूर्व सेवा से पेंशन देने, टीईटी का विभागीय परीक्षा आयोजित करने, राजपत्र में संशोधन करने का मांग पत्र सौंपा गया। सचिव स्कूल शिक्षा ने कहा है कि शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा लिए जाने के संबंध में वैधानिक सलाह से रास्ता निकालने प्रयास किया जाएगा, पेंशन के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय एवं शासन की स्थिति का अवलोकन किया जा रहा है इस संबंध में शिक्षकों का भी पक्ष आया है।
सौंपे गए ज्ञापन में मांग किया गया है जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा रमेश चंद्रवंशी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य WPS 2255/2021 दिनांक 23/01/2026 एवं ऋषिदेव सिंह बनाम छत्तीसगढ़ राज्य WPS 5699/2021 दिनांक 17/02/2026 व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक निर्णय पारित किया है, जिसमें माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी उपाय है। याचिकाकर्ताओं द्वारा संविलियन (01.07.2018) से पूर्व दी गई लंबी सेवा को अप्रासंगिक मानकर शून्य नहीं किया जा सकता।
टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि न्यायालय ने निर्देश दिया है कि शासन सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, प्रशासनिक नियंत्रण और संवैधानिक सिद्धांतों (भेदभाव-निषेध और समानुपातिकता) को ध्यान में रखते हुए 120 दिनों के भीतर एक सचेत और कारणयुक्त स्पीकिंग आदेश जारी करे। सिंगल बैंच के निर्णय के विरुद्ध राज्य शासन द्वारा डबल बैंच में WA 325/2026 याचिका दायर की गई थी जिसे उच्च न्यायालय के डबल बैंच द्वारा दिनांक 23/04/2026 को खारिज करते हुए सिंगल बैंच के निर्णय को सही माना है।
एसोसिएशन का सुझाव है कि जिस प्रकार शासन ने सातवें वेतनमान एवं संविलियन का निर्णय लिया उसी प्रकार पेंशन के लिए जनरल आदेश जारी करें। प्रदेश में कार्यरत लगभग 1.40 लाख एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति एक क्रमिक प्रक्रिया है। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, प्रतिवर्ष औसतन 2,000 से 3,000 शिक्षक ही सेवानिवृत्त होंगे। इस क्रमिक प्रवाह के कारण राज्य शासन पर एकमुश्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, जिससे बजट प्रबंधन में सुगमता बनी रहेगी। शासन पर कोई आकस्मिक आर्थिक बोझ नहीं आएगा, यह क्रमिक प्रक्रिया राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने में सहायक होगी।
सेवाकालीन शिक्षकों के लिए हो अलग पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवाकालीन शिक्षकों को टीईटी अर्हता प्राप्त करने हेतु समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाए जाने के पश्चात राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आयोजन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं, सचिव एवं संचालक से चर्चा की गई, चर्चा के दौरान टीईटी परीक्षा के शीघ्र आयोजन, सेवाकालीन शिक्षकों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने तथा परीक्षा प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाए जाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
शर्मा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा टीईटी परीक्षा के आयोजन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं तथा आवश्यक तैयारियों पर आंतरिक कार्य किया जा रहा है, वैधानिक रास्ता निकालने प्रयासरत है, उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप शिक्षकों को टीईटी अर्हता प्राप्त करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सचिव एवं संचालक से मांग किया गया है कि सेवाकालीन शिक्षकों (इन सर्विस टीचर्स) की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पृथक विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए,,साथ ही टीईटी परीक्षा का वार्षिक कैलेंडर जारी कर नियमित अंतराल पर परीक्षा आयोजित की जाए, जिससे शिक्षकों को समय पर पात्रता प्राप्त करने का अवसर मिल सके
प्रतिनिधि मंडल में
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, प्रांतीय पदाधिकारी जयंत यादव, ऋषि देव सिंह जिलाध्यक्ष कोंडागांव, शत्रुघन साहू जिला अध्यक्ष दुर्ग, दिलीप साहू जिलाध्यक्ष बालोद, लुदर सन कश्यप, जिलाध्यक्ष बस्तर, नारायण चौधरी जिलाध्यक्ष महासमुंद, ओमप्रकाश सोनकला जिलाध्यक्ष रायपुर, स्वदेश शुक्ला जिलाध्यक्ष कांकेर, दुर्ग जिला से किशन देशमुख, राजेश चंद्राकर, धनराज डाहरे, रोहित देशमुख, मनसा राम लहरें, बालोद जिला से रामकिशोर खरांशु जिला संयोजक,शिव शांडिल्य,वीरेंद्र देवांगन जिला उपाध्यक्ष,पवन कुम्भकार जिला कोषाध्यक्ष, बस्तर जिला से सुधीर दुबे जिला उपाध्यक्ष, मो. ताहीर शेख जिला सचिव, गजराज सिंह जिला संगठन सचिव,अकबर खान जिला संगठन सचिव, कमला शर्मा प्रदेश महिला प्रतिनिधि, जांजगीर चांपा जिला से उमेश तेम्बुलकर ब्लॉक अध्यक्ष बम्हनीडीह, शिव पटेल जिला आईटी सेल प्रभारी, कोण्डागांव जिला से अखिलेश राय, सुरेंद्र कुमार ठाकुर, सदाराम चतुर्वेदानी, मन्नाराम नेताम , राम सिंह मरापी, रमेश प्रधान सुकूराम नेताम, राजेंद्र पांडे, धनश्याम नाग, सुन्दर लाल बघेल, रामनाथ देवांगन, अनिल कुमार साहू, यज्ञ कुमार नेताम, बिसाहू राम वैद्य, कंगालू राम बघेल, अंतू राम शोरी, शंभू राम सूर्यवंशी, सिया राम मंडावी, बजरू राम नेताम, रामखिलावन दर्रो, बलराम कोड़ोपी, सुध्दू राम मरकाम, जगदीश कुमार मरकाम, राम रतन यादव, गजेंद्र पाल सिंह दमक, बलराम पांडे, रमेश कुमार शोरी, जय प्रकाश पोयम, श्यामलाल नेताम, मयाराम नेताम, सुरेश कुमार मंडावी, जलदेव सिंह नाग, प्रमिला देवी कोर्राम, लखी कश्यप, पुनउ राम नेताम, रतिराम मंडावी, घडवा राम शोरी, रायपुर जिला से डा.छन्नू लाल साहू,चेतन लाल साहू, महासमुंद जिला से नंदकुमार साहू जिला सचिव, प्रदीप वर्मा आई टी सेल प्रभारी, तुलेंद्र सागर, भोपाल सिंह बंजारा शामिल थे।











