भरत तिवारी एनकाउंटर: जिस पुलिस ने परिवार के खिलाफ कर दी थी FIR, अब उसी ने वापस लिया केस; क्या बोलीं मां?

बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़ सामने आया है. एनकाउंटर के बाद पहली बार जिले के एसपी खुद बिलौटी गांव स्थित भरत तिवारी के घर पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. इस दौरान भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और अपनी शिकायतें एसपी के सामने रखीं. वहीं, इस मुलाकात के दौरान एक अहम बात सामने आई.भरत तिवारी के परिवार के खिलाफ दर्ज FIR को वापस ले लिया गया है.
भरत की मां आशा देवी के मुताबिक, भोजपुर के एसपी राज ने खुद बताया कि परिवार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस ले ली गई है.एनकाउंटर के बाद पुलिस ने भरत तिवारी के पिता और भाई समेत परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसे अब वापस लेने की बात कही गई है.
‘सीबीआई से हो जांच’, मां आशा देवी ने की मांग
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने एसपी से मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि परिवार को स्थानीय स्तर पर हो रही जांच पर भरोसा नहीं है और वह चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई जैसी एजेंसी से कराई जाए. उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी रखी.
17 जून को भोजपुर में हुई भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ के बाद से ही यह मामला विवादों में है. भरत तिवारी के परिजन और समर्थक लगातार इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने पूरी कार्रवाई को गलत तरीके से अंजाम दिया और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR
भरत तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर शाहपुर थाने में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP), तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है.
परिवार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है. अब इस मामले में पुलिस और परिवार, दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई आगे बढ़ रही है.









