पूर्व केंद्रीय मंत्री के गांव में मोबाइल नेटवर्क का संकट, दो मिनट बात करने के लिए पेड़ों और छतों पर चढ़ने को मजबूर ग्रामीण

छत्तीसगढ़ के एक गांव में आज भी मोबाइल नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को फोन पर बात करने के लिए पेड़ों, छतों या ऊंचे स्थानों पर चढ़ना पड़ता है। यह गांव पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम का पैतृक गांव है, लेकिन यहां अब तक मोबाइल नेटवर्क की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।

मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज, ऑनलाइन सेवाओं, सरकारी योजनाओं की जानकारी और आपातकालीन परिस्थितियों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो मिनट की बातचीत के लिए भी उन्हें गांव से बाहर या ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ता है।

नरहरपुर तहसीलदार पुष्पराज पात्र ने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने को भी तैयार हैं। प्रशासन का कहना है कि नेटवर्क सुविधा शुरू होने से संचार व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से राहत मिलेगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com