नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के NICU बच्चा वार्ड के स्टोर रूम में लगी आग,आग लगने की घटना से बच्चा वार्ड में मची भगदड़

मध्यप्रदेश : जबलपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बच्चा वार्ड 8 के स्टोर रूम में लगे पंखे में अचानक आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे स्टोर रूम में लगे फैन में चिंगारी भड़की और देखते ही देखते धुआं फैलने लगा. घटना के समय वार्ड में 40 से अधिक बच्चे भर्ती थे, जिनमें कई नवजात भी शामिल थे.
आग और धुएं को तेजी से फैलता देख वार्ड में भर्ती बच्चों के परिजनों और अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया.हालात ऐसे बन गए कि परिजन अपने-अपने बच्चों को गोद में उठाकर और डिलीवरी के लिए आई महिलाओं को साथ लेकर वार्ड से बाहर की ओर भागने लगे.लोग अपने अपने बच्चों को तलाशने लगे, क्योंकि आग लगने के बाद बिजली भी बंद कर दी गई थीं.धुएं की वजह से कुछ देर के लिए स्थिति बेहद भयावह और पैनिक से भरी हो गई.
अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पा लिया.एहतियातन दमकल विभाग के वाहन भी मौके पर पहुंच गए, हालांकि तब तक आग नियंत्रित की जा चुकी थी.इसके बावजूद धुएं के कारण वार्ड में कुछ समय तक हालात गंभीर बने रहे, खासकर नर्सरी-8 में जहां अधिक संवेदनशील बच्चे भर्ती थे.इसके इलावा डिलेवरी के बाद महिलाओं को भी शिफ्ट किया गया था.
घटना के बाद छिंदवाड़ा से अपने पत्नी की डिलिवरी कराने पहुँचे प्रदीप डेहरिया ने बताया कि घटना के दौरान एक नवजात बच्चे की मौत हुई है वही आग से फैले धुएं से कुछ बच्चों की हालत भी बिगड़ गई है.हालांकि पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने इस दावे को खारिज किया है.
गढ़ा थाना पुलिस के अनुसार जिस बच्चे की मौत की बात कही जा रही है, उसकी मृत्यु आग लगने की घटना से करीब एक घंटे पहले ही हो चुकी थी.बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया इसी दौरान परिजनों औऱ तैनात बाउंसरों के बीच झड़प भी हुई.
मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि आग छोटी थी और समय रहते उस पर काबू पा लिया गया था। उन्होंने बताया कि फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल के कारण वार्ड में धुआं जरूर भर गया, जिससे घबराहट की स्थिति बनी, लेकिन सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति भी बनी रही, क्योंकि परिजन लगातार लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को शांत कराया.

फिलहाल गढ़ा थाना पुलिस और अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि शॉर्ट सर्किट की वजह क्या थी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी.अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जाएंगी.









