मैनपाट में कंधे पर शव लेकर 3KM पैदल चले ग्रामीण:गांव तक नहीं बनी है सड़क, विधायक रामकुमार टोप्पो बोले- सड़क बनाने की करेंगे पहल

सरगुजा जिले के मैदान में युवक का शव लेकर ग्रामीण पिकअप से असगवां तक पहुंचे। वहां से 3 किलोमीटर दूर शव को कंधे पर ढोकर सुगापानी गांव ले गए। सड़क नहीं बनने के कारण असगवां तक शव वाहन नहीं पहुंच पाती है। 10 दिन पहले एक सीएएफ जवान के शव को भी ग्रामीण ढोकर गांव तक पहुंचे थे। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, क्षेत्र पहुंचविहीन है। सड़क निर्माण की पहल की जा रही है।

दरअसल, मैनपाट ब्लॉक के असगवां तक कच्ची सड़क है। इससे लगे सुगापानी, ढाबपारा, टिकरापारा, गिर्राडीह, नवलपारा आदि कस्बों तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। यहां मछली नदी में पुल नहीं है। इसके कारण गाड़ियां बस्तियों तक नहीं पहुंच पाती है। किसी की मौत होने पर शवों को गांव तक पैदल ढोकर पहुंचना पड़ता है।

शव लेकर तीन किलोमीटर पैदल चले ग्रामीण

ग्राम सुगापानी निवासी युवक अमित किण्डो (26) धरमजयगढ़ में जेसीबी चलाता था। बाइक से अपने मैनेजर के साथ जाने के दौरान वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। परिजनों को पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा गया। शव वाहन उपलब्ध कराया गया। शव वाहन ग्रामीण इलाके में नहीं पहुंच पाती, इसलिए परिजन पिकअप से शव लेकर असगवां चौक तक पहुंचे।

परिजन अमित किण्डो के शव को ढोकर तीन किलोमीटर पैदल चले और सुगापानी पहुंचाया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।

सीएएफ के जवान का शव भी ढोकर पहुंचाया

10 दिन पहले सीएएफ जवान लवरेंस बड़ा की भी हार्टअटैक से मौत होने पर परिजनों को उसका शव तीन किलोमीटर ढोना पड़ा था। लवरेंस छुट्टी में घर आया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। वहां उसकी मौत हो गई। लवरेंस बड़ा के शव को असगवां तक लाया गया, जहां से शव को तीन किलोमीटर ढोकर गांव तक पहुंचाया गया।

10 दिनाें में दो ग्रामीणों के शवों को ढोए जाने से ग्रामीण भी व्यथित हैं। सीएएफ जवान लवरेंस बड़ा के भाई सुलेमान बड़ा ने कहा कि, हम मरने के बाद भी अपने भाई को सुख नहीं दे सके, जबकि वह सीएएफ का जवान था। अमित किण्डो की भाभी जयमणी किण्डो ने कहा कि रामकुमार टोप्पो ने पहले आश्वासन दिया था कि गांव तक सड़क बन जाएगी, लेकिन वे चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में झांकने तक नहीं आए।

पूर्व सरकार में स्वीकृत थी सड़क- अमरजीत

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, पूर्ववर्ती सरकार में सुगापानी से असगवां होते हुए नान दमाली तक सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी। सड़क को बजट में शामिल किया गया था। सरकार बदली तो इस सड़क निर्माण कार्य को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके कारण ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है।

सड़क के लिए की गई है पहल- MLA

विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, पूर्व विधायक और मंत्री अमरजीत भगत यहां 20 सालों तक विधायक, पांच साल मंत्री भी रहे। उन्होंने सड़क क्यों नहीं बनवाई। विधायक मद से अस्थाई चलने लायक सड़क बनवाई जा सकती थी।

टोप्पो ने कहा कि, जब वे विधायक बने तो सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में 50 पहुंचविहीन क्षेत्र थे। इसमें से 45 के कनेक्टिविटी की समस्या दूर हो गई है। कई पुल-पुलियों के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। शेष पांच क्षेत्रों की कनेक्टिविटी गर्मी तक बहाल करने की पूरी कोशिश है।

jagjaahir desk

जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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