FDA के सरकारी कार्यक्रमों में बंद हुआ समोसा-वड़ापाव, आयुक्त तुकाराम मुंढे की पहल, नाश्ते में मिलेंगे ताजे फल

अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल की है। सरकारी कार्यक्रमों में कर्मचारियों को नाश्ते में परोसे जाने वाले समोसा, वड़ा और अन्य जंक फूड को अब हटाने का फैसला किया गया है। इनकी जगह अब ताजे फल परोसे जाएंगे।
15 अगस्त के कार्यक्रम में मिली नई शुरुआत
इस पहल की शुरुआत 15 अगस्त के कार्यक्रम से हुई। कार्यक्रम में कर्मचारियों को पारंपरिक समोसा, वड़ापाव या चिप्स के बजाय संतरा, सेब और केला परोसा गया। मुंढे ने आगे होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में भी नाश्ते के तौर पर जंक फूड की जगह फलों को शामिल करने का निर्णय लिया है।
जंक फूड नाश्ते को तौबा
सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर नाश्ते के तौर पर समोसा, वड़ा, वड़ापाव और चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ परोसे जाते हैं। मुंढे की पहल में इन्हें हटाकर फल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के बीच स्वस्थ खान-पान को बढ़ावा देना है।
खाद्य मिलावट पर कार्रवाई से चर्चा में मुंढे
अन्न व औषधि प्रशासन का कार्यभार संभालने के बाद से तुकाराम मुंढे खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं। राज्यभर में FDA की कार्रवाई तेज हुई है। मुंढे कई मौकों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित भोजन के महत्व पर जोर दे चुके हैं।
खान-पान को लेकर भी कर चुके हैं बात
तुकाराम मुंढे विभिन्न साक्षात्कारों में अपने खान-पान और जीवनशैली को लेकर भी बात कर चुके हैं। अब सरकारी कार्यक्रमों में जंक फूड की जगह फल परोसने का निर्णय उनकी स्वस्थ खान-पान को बढ़ावा देने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगी पहल
FDA आयुक्त की योजना है कि भविष्य में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में कर्मचारियों के नाश्ते में जंक फूड के विकल्प के तौर पर फलों को प्राथमिकता दी जाए। 15 अगस्त के कार्यक्रम में संतरा, सेब और केला परोसे जाने के बाद इस पहल को आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है।











