ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा, जी राम जी योजना के लिए 4000 करोड़ मंजूर

राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने, गांवों में अटल आजीविका समृद्धि हाट स्थापित करने और नई कंप्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया।
जी राम जी योजना से मिलेगा 125 दिन का रोजगार
कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी जी राम जी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वर्ष 125 दिनों तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के संचालन में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी क्रमशः 60:40 होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4000 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान को भी स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण और आजीविका परिसंपत्तियों के विकास से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
गांवों में खुलेंगे अटल आजीविका समृद्धि हाट
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से अटल आजीविका समृद्धि हाट स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प, दलहन-तिलहन प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इससे ग्रामीण उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बायोगैस नीति से मिलेगा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
मंत्रिपरिषद ने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) नीति-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। नई नीति के तहत कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मौसमी पलायन में कमी आएगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही कृषि अवशेषों के प्रभावी उपयोग से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन को भी नई दिशा मिलेगी।











