डीजल बचाने की मुहिम: नगर निगम दुर्ग ने घटाए वाहनों के फेरे, अफसरों का कोटा भी आधा

नगर निगम दुर्ग ने बढ़ती ईंधन खपत को नियंत्रित करने और खर्च में कटौती के लिए बड़ा कदम उठाया है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर वार्डों में कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों के फेरों में कटौती की जा रही है। साथ ही छोटे वार्डों में अब बड़े वाहनों की जगह ट्राइसाइकिल के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
60 वार्डों में चल रही नई व्यवस्था
निगम क्षेत्र के 60 वार्डों में कचरा उठाने के लिए फिलहाल 60 टाटा एस वाहन संचालित हो रहे हैं, जो प्रतिदिन करीब चार फेरे लगाते हैं। नई व्यवस्था के तहत इन फेरों की संख्या कम की जाएगी, ताकि डीजल की खपत को नियंत्रित किया जा सके।
छोटे वार्डों में ट्राइसाइकिल से होगा डोर-टू-डोर कलेक्शन
छोटे और संकरी गलियों वाले वार्डों में अब ट्राइसाइकिल के जरिए घर-घर से कचरा संग्रहित किया जाएगा। इसके बाद कचरे को एसएलआरएम सेंटर पहुंचाकर वहां सेग्रीगेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे ईंधन की बचत के साथ सफाई व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने का दावा किया जा रहा है।
अफसरों के वाहनों पर भी सख्ती
निगम प्रशासन ने सिर्फ कचरा वाहनों ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के उपयोग में आने वाले वाहनों के ईंधन कोटे में भी कटौती की है। पहले अधिकारियों को प्रतिमाह 80 लीटर डीजल उपलब्ध कराया जाता था, जिसे घटाकर अब 40 लीटर कर दिया गया है। जोन स्तर पर उपयोग होने वाले वाहनों के ईंधन में भी कमी की गई है।











