अब UP में नहीं होते दंगे, मुहर्रम पर भी शांति…2017 के पहले महीनों-महीनों कर्फ्यू होता था

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (28 जून) को हाथरस में 548 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित किया. उन्होंने खासतौर पर मुहर्रम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में करीब 12 हजार मोहर्रम जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, पथराव या कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बने. उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग दूसरों के घरों के सामने ढोल-ताशे बजाकर माहौल बिगाड़ते थे, लेकिन अब यह सब बंद हो गया है और सभी धार्मिक आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो रहे हैं.
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले राज्य के हर जिले में दंगे होते थे, महीनों महीनों कर्फ्यू होता था जिससे आमजन त्रस्त होता था. लेकिन आज हालात बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के कारण बदनाम था, लेकिन पिछले 9 सालों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न कर्फ्यू लगा और न ही गुंडागर्दी होने दी गई.
उन्होंने कहा कि हाल ही में मोहर्रम का आयोजन भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. उन्होंने कहा कि पहले मोहर्रम के नाम पर सड़कों पर हथियारों का प्रदर्शन होता था, तलवारबाजी के दौरान राहगीरों पर हमले हो जाते थे. ताजिया निकालने के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां हटाई जाती थीं, मकानों के छज्जे तोड़े जाते थे और हाईटेंशन बिजली की लाइनों को हटाने का दबाव बनाया जाता था.
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने स्पष्ट व्यवस्था बनाई है कि किसी गरीब की झोपड़ी या मकान नहीं हटेगा और न ही हाईटेंशन लाइनें हटाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ताजिया की ऊंचाई कम करनी होगी. उन्होंने कहा कि अगर ताजिया ज्यादा ऊंचा होगा तो हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने का खतरा रहेगा, इसलिए सुरक्षा सर्वोपरि है.
‘ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी’
उन्होंने कहा कि मुहर्रम के नाम पर अब राज्य में कोई हंगामा नहीं होता. अब न किसी की झोपड़ी तोड़ी जाती है और न ही किसी को किसी तरह की परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि आप ताजिए को सजाइए, लेकिन किसी गरीब का घर तोड़ने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी. अगर ताजिया बहुत ऊंचा होगा, तो बिजली के तारों की चपेट में आने का खतरा रहेगा.











