‘मोंथा’ का सबसे ज्यादा असर बस्तर में:80 किमी की रफ्तार से चली हवा, 5 जिलों में रेड अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी है। खासकर बस्तर संभाग में 28 अक्टूबर की रात कुछ जगहों पर 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी।

चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ-साथ बारिश और तेज हवा का दायरा भी बढ़ता हुआ मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ तक पहुंचेगा। मंगलवार की रात तूफान मोन्था मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाड़ा के आसपास आंध्रप्रदेश तट से टकराया। इससे दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से अतिभारी बारिश हुई।

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक चक्रवात मोंथा का असर रहेगा। दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

बारिश- तेज हवा से फसलों पर पड़ेगा असर

कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. जीके दास के अनुसार अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश और तेज हवा का असर फसलों पर पड़ेगा। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के कारण खराब हो सकती है।

अक्टूबर में 59% ज्यादा वर्षा

छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया। मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 28 अक्टूबर तक 91.7 मिमी पानी गिर चुका है। 28 दिन की औसत वर्षा 57.7 मिमी है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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