तोमर बंधु की पत्नी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के चर्चित तोमर ब्रदर्स केस में बड़ी राहत दी है। ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के आरोपों में घिरे हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर समेत परिवार के अन्य सदस्यों को अग्रिम जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने माना कि पुलिस ने साधारण मारपीट के केस को आर्गेनाइज क्राइम में बदलकर परिवार को झूठे केस में फंसाया है।

दरअसल, रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थानों में वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर एक्सटॉर्शन और सूदखोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस की सख्त कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने रोहित की पत्नी भावना, वीरेंद्र की पत्नी शुभ्रा और अन्य परिजनों को भी आरोपी बना लिया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बिना सबूत के उन्हें अपराधियों की श्रेणी में डाल दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद वर्मा ने दलील दी कि यह मामला जानबूझकर बढ़ाया गया है और जिन लोगों ने 8-10 साल पहले कर्ज लिया था, उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

वकील सतीश वर्मा ने बताया कि यह फैसला तोमर परिवार के लिए बड़ी राहत है। इसके आधार पर अब रोहित और वीरेंद्र तोमर को भी अदालत से जमानत मिल सकती है। पुलिस फिलहाल दोनों भाइयों की तलाश में जुटी है, जिन पर सात से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों ने रायपुर और आसपास के इलाकों में सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का जाल फैला रखा था।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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